Weather Forecast: प्रदेश में कई दिनों से जारी तेज पछुआ हवाओं और घने कोहरे के बाद मौसम बदलने के संकेत हैं। 9 फरवरी से हवाएँ कमजोर पड़ेंगी, जिससे अगले दो से तीन दिनों में तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मौसम शुष्क रहेगा और दिन में गर्माहट महसूस होने लगेगी।
North India Weather Shift: प्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रही तेज पछुआ हवाओं और घने कोहरे के दौर के बीच अब मौसम में बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 9 फरवरी से तेज हवाओं के थमने के बाद तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। अगले 2–3 दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।
हालाँकि सुबह के समय हल्का कोहरा कुछ स्थानों पर बना रह सकता है, लेकिन व्यापक और घना कोहरा अब धीरे-धीरे सिमटता नजर आएगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम तंत्र (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस या निम्न दाब क्षेत्र) प्रभावी नहीं है, जिससे मौसम शुष्क बना रहेगा।
पिछले दिनों चली तेज पछुआ (पश्चिमी) हवाओं ने प्रदेश के मौसम को काफी प्रभावित किया। इन हवाओं के कारण दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। सुबह-शाम की ठंड बढ़ी रही और कई जिलों में दृश्यता कम होने से यातायात भी प्रभावित हुआ।अब 9 फरवरी के बाद इन हवाओं की रफ्तार कम होने का अनुमान है। हवा की गति कम होते ही ठंड का तीखापन घटेगा और दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस होने लगेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की तीव्रता कम होने से धरातल के पास तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा।
घने कोहरे ने बीते दिनों सड़क और रेल यातायात को खासा प्रभावित किया। कई स्थानों पर सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अब तेज हवाओं के थमने के साथ-साथ कोहरे की तीव्रता में कमी आने के संकेत हैं। हालांकि नदी किनारे और निचले इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा सुबह के समय बना रह सकता है, लेकिन पूरे प्रदेश में व्यापक घना कोहरा पड़ने की संभावना कम है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों में तापमान में क्रमिक वृद्धि दर्ज की जाएगी।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर फिलहाल कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) या चक्रवाती परिसंचरण तंत्र मौजूद नहीं है। जब ऐसा कोई सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तब आसमान साफ रहता है और मौसम शुष्क हो जाता है। तेज हवाओं के कारण जो ठंडी हवा का प्रवाह बना हुआ था, वह कमजोर पड़ रहा है। जैसे-जैसे हवाओं की रफ्तार घटेगी, सतह का तापमान संतुलित होने लगेगा और ठंड की तीव्रता में कमी आएगी।
मौसम में यह बदलाव किसानों के लिए राहत लेकर आ सकता है। गेहूं और सरसों की फसलों को अत्यधिक ठंड से राहत, सुबह के समय हल्की ओस फसलों के लिए लाभकारी .तेज हवाओं के कम होने से फसल गिरने की आशंका कम .हालांकि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की नियमित निगरानी करते रहें और जरूरत पड़ने पर सिंचाई का संतुलन बनाए रखें।
मौसम में उतार-चढ़ाव का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। सुबह-शाम ठंड और दिन में हल्की गर्मी से सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के मामले बढ़ सकते हैं। सुबह बाहर निकलते समय हल्के गर्म कपड़े पहनें,बुजुर्ग और बच्चे विशेष ध्यान रखें,कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें,पर्याप्त पानी पिएं, ताकि शरीर संतुलित रहे
कोहरे में कमी आने से सड़क, रेल और हवाई यातायात में सुधार की उम्मीद है। बीते दिनों कम दृश्यता के कारण कई ट्रेनें देरी से चलीं और उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ा। अब मौसम साफ रहने से स्थिति सामान्य होने की संभावना है।
अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। आसमान मुख्यतः साफ रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिन के समय धूप निकलने से तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। हालांकि सुबह और रात में हल्की ठंड बनी रह सकती है, इसलिए पूरी तरह गर्मी का अहसास अभी नहीं होगा।