लखनऊ

इंसानों की तरह अब भेड़ बकरियों का भी होगा आधार कार्ड, जानिये क्या होंगे नियम

इंसानों की तरह अब भेड़ बकरियों का भी आधार कार्ड होगा। नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनएडीसीपी) में भेड़ और बकरी को शामिल किया गया है

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Feb 04, 2021
इंसानों की तरह अब भेड़ बकरियों का भी होगा आधार कार्ड, जानिये क्या होगा फायदा

लखनऊ. इंसानों की तरह अब भेड़ बकरियों का भी आधार कार्ड होगा। नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनएडीसीपी) में भेड़ और बकरी को शामिल किया गया है। इसी महीने पशुपालन विभाग भेड़-बकरियों की ईयर टैगिंग शुरू कर देगा। केंद्र सरकार ने एनएडीसीपी में भेड़ और बकरी को भी शामिल कर पशुपालकों को राहत दी है। इसके तहत भेड़ और बकरी का आधार कार्ड बनेगा व एक-एक भेड़ और बकरी का रिकॉर्ड एनएडीसीपी के पोर्टल पर दर्ज होगा। भेड़-बकरी की उम्र और पालने वाले नाम और पता भी ऑनलाइन रहेगा। भेड़-बकरी को 10 डिजिट का आधार नंबर का छल्ला कान में पहनाया जाएगा। भेड़-बकरियों के लिए बीमा की सुविधा भी मिलेगी।

भेड़ बकरियों के लिए आधार नंबर

एनएडीसीपी में पहले भेड़ और बकरी को शामिल नहीं किया गया था। सिर्फ गोवंश और महीष वंशीय पशुओं को ही एनएडीसीपी के तहत इलाज की सुविधाएं मुहैया कराई जा रहीं थीं। गोवंश और महीष वंशीय पशुओं को आधार नंबर देने की मुहिम अंतिम चरण में हैं।

19वीं पशुगणना के अनुसार पूरे भारत में बकरियों की कुल संख्या 135.17 मिलियन है, उत्तर प्रदेश में इनकी संख्या 42 लाख 42 हजार 904 है। वहीं पूरे भारत में भेड़ों की संख्या 53.8 मिलियन है, जबकि उत्तर प्रदेश 7 लाख 4 हजार 100 है। भेड़ बकरियों के कान में डालने के लिए छल्ला आपूर्ति की जिम्मेदारी नोएडा की कंपनी को सरकार ने दी है। ब्लॉक के पशु अस्पताल में ग्राम वार भेड़ और बकरी का रजिस्टर बनाया जाएगा। ईयर टैगिंग के बाद भेड़-बकरी के टीकाकरण का रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। इस पर बरेली से एलके वर्मा, सीवीओ का कहना है कि सरकार ने एनएडीसीपी में भेड़-बकरी को शामिल किया है। इनको 10 डिजिट का नंबर दिया जाएगा। इसी महीने ईयर टैगिंग शुरू हो जाएगी।

Published on:
04 Feb 2021 09:22 am
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