यूपी की सड़कें अब सांसद और विधायक की प्राथमिकता पर 

73 राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने पर सहमति  
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Jul 02, 2017
keshav
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लखनऊ। यूपी की सड़कें अब सांसद और विधायक की प्राथमिकता पर बनेंगी। इस सम्बन्ध में इतवार को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य अधिकारियों के साथ बैठक में दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांसदों से वरीयता क्रम में प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार मार्गों के चैड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण की स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त कराके सड़क निर्माण की कार्यवाही की जाए।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधान भवन स्थित तिलक सभागार में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में केन्द्रीय मार्ग निधि एवं अन्य योजनाओं के अन्तर्गत निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों तथा जनहित से जुड़ी समस्याओं के निराकरण हेतु सांसदों के साथ विचार विमर्श किया गया। इस दरिमियान लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

उन्होंने कहा विचार विमर्श के दौरान सांसदगणों द्वारा जिन मार्गों एवं सेतुओं के सम्बन्ध में कई जनहित से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया गया है उन पर शीर्ष प्राथमिकता से कार्य योजना बनाकर कार्य सम्पन्न किए जाय। मौर्य ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से गड्ढा मुक्ति अभियान की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें आयी है उनका परीक्षण कराया जाए। उन्होेंने कहा कि कार्य योजना, प्रस्ताव तैयार करते समय जनप्रतिनिधियों की सहमति अवश्य की जाए इसके साथ-साथ जो कार्य पूर्ण हो चुके है उनकों जनता को समर्पित करते समय जनप्रतिनिधियों को मौजूदगी भी अवश्य हो।

उप मुख्यमंत्री ने सांसदों को आश्वासन दिया कि गड्ढा मुक्ति का अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय मार्ग निधि से मार्गों के चैड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण हेतु 10 हजार करोड़ रुपये की सहमति केन्द्रीय मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से प्राप्त हो चुकी है। इसी से सांसदों से वरीयता क्रम मे प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार सड़क निर्माण के सम्बंध में कार्यवाही की जाय। मौर्य ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के जो मार्ग बहुत अधिक क्षति ग्रस्त है वे अक्टूबर, 2017 तक गड्ढा मुक्त हो जाए।

उन्होंने कहा कि लगभग 6260 किमी लम्बाई के 73 राष्ट्रीय मार्गों में परिवर्तित किए जाने की कार्यवाही प्रगति पर है। उप मुख्यमंत्री ने सांसदों को बताया कि प्रदेश सरकार एवं एशियन विकास बैंक के मध्य समझौता किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के लखनऊ, उन्नाव, एटा, कासगंज, देवरिया, कुशीनगर, बुलन्दशहर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, अलीगढ़, फतेहपुर जनपदों में 426 किमी लम्बाई में रु 2782 करोड़ की लागत से मार्गों के चैड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रस्तावित किया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक 100 दिनों में 74000 किमी से अधिक मार्गों को गड्ढा मुक्त किया गया है तथा अन्य विभागों द्वारा निर्मित सड़कों को गड्ढामुक्त करने हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। श्री मौर्य ने मा सांसदों से प्राप्त मार्ग निधि योजना से लगभग 5500 किमी लम्बाई के मार्गों के निर्माण हेतु मिली सैद्धान्तिक सहायता से भी अवगत कराया।

श्री मौर्य ने कहा कि पहले से स्वीकृत अधूरे कार्य पूर्ण किए जायेंगे। उन्हांेेने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अभियन्ता जनप्रतिनिधियों के सम्पर्क में रहें तथा सभी कार्य पूर्ण गुणवत्ता एवं पारदर्शिता से किए जांए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की वेबसाइट uppwd.gov.in का शुभारम्भ करते हुए बताया कि इस साइट में लोक निर्माण विभाग से निर्मित सभी प्रकार की सड़कों का पूरी जानकारी जिलेवार प्राप्त की जा सकती है।

बैठक में केन्द्रीय मंत्री संजीव वालियान, कृष्णा राज, महेन्द्र नाथ पाण्डे, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग, सदाकान्त सहित, सांसद तथा लोक निर्माण विभाग के अभियंता मौजूद रहे।
Published on:
02 Jul 2017 07:15 pm