उत्तर प्रदेश में अब शिक्षकों के अवकाश लेने के नियमों में बदलाव किया गया है। बिना अनुमति के गायब रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में अब शिक्षकों के सभी प्रकार के अवकाश ऑनलाइन स्वीकृत किए जाएंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों में बिना अनुमति के गायब रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। अब अगर शिक्षक और कर्मचारी बिना बताए अवकाश पर रहते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अगर कोई शिक्षक बिना बताए ज्यादा दिन तक अवकाश पर रहते हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दोषी ठहराया जाएगा। उन्हें भी संबंधित कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. इसके साथ ही, शिक्षक और कर्मचारी यदि बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली-1973 और उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 के तहत कार्यवाही की जाएगी।
निदेशक ने कहा कि सभी शिक्षकों के अवकाश अब ऑनलाइन स्वीकृत किए जाएंगे। जिन शिक्षकों ने बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहने की कोशिश की, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को दोबारा ज्वाइन करने से पहले जांच का सामना करना होगा। यह कदम उत्तर प्रदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच अनुशासन बनाए रखने और शैक्षिक मानकों में सुधार लाने के लिए ये कदम उठाया गया है।