लखनऊ

Old Pension Scheme: फिर गरमाया पुरानी पेंशन का मुद्दा, यूपी में लाखों कर्मचारी होंगे प्रभावित

Old Pension Scheme: उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग फिर तेज हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसलों और कर्मचारी आंदोलनों के बीच जानें कि अगर ओपीएस लागू होती है तो यूपी के 8 से 10 लाख कर्मचारियों पर इसका क्या असर पड़ेगा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
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Sep 25, 2026
Old Pension Scheme
पुरानी पेंशन योजना (फोटो आईएएनएस)

Old Pension Scheme:उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कर्मचारी संगठन, शिक्षक संघ और विभिन्न वर्ग लगातार इसकी बहाली की मांग कर रहे हैं। हालिया हाईकोर्ट के आदेशों, आंशिक लाभ देने के सरकारी फैसलों और प्रदर्शनों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि अगर पूर्ण बहाली हुई तो प्रदेश में कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे।

NPS लागू होने के बाद कितने कर्मचारी जुड़े

उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2005 से नई पेंशन योजना (NPS) लागू हुई। इससे पहले नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब 11 लाख कर्मचारियों को OPS का लाभ मिल रहा है। वहीं 2005 के बाद नियुक्त हुए कर्मचारियों को NPS में शामिल किया गया। योगी सरकार के दावों के मुताबिक 2018 के बाद करीब 7.5 से 8 लाख कर्मचारियों के NPS खाते खोले गए। कुल मिलाकर प्रदेश में राज्य कर्मचारियों की संख्या करीब 17 लाख के आसपास बताई जाती है, जिसमें से NPS से जुड़े कर्मचारियों की संख्या 8 से 10 लाख के करीब अनुमानित है। ये ही कर्मचारी पूर्ण OPS बहाली की मांग कर रहे हैं।

आंशिक राहत और 50 हजार कर्मचारियों को फायदा

सरकार ने उन कर्मचारियों को राहत दी है जिनका विज्ञापन 28 मार्च 2005 से पहले जारी हो चुका था, लेकिन नियुक्ति बाद में हुई। ऐसे करीब 50 हजार कर्मचारियों को OPS का विकल्प दिया गया। हाल के महीनों में नगर निकायों के 255 कर्मचारियों, उच्च शिक्षा के 154 प्रवक्ताओं-प्रोफेसरों और नर्सिंग संवर्ग के कुछ कर्मचारियों को भी यह लाभ मिला है। कई मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी पूर्व सेवा को पेंशन पात्रता में गिनने का आदेश दिया है।

कर्मचारी संगठन क्यों कर रहे आंदोलन

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि OPS में निश्चित पेंशन (अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत), महंगाई भत्ता और परिवार पेंशन की गारंटी मिलती है, जबकि NPS बाजार पर निर्भर है। गोरखपुर, बलिया समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। संगठन मांग कर रहे हैं कि पूर्ण बहाली हो। वे कहते हैं कि जब राजस्थान, पंजाब जैसे राज्यों ने OPS बहाल की तो यूपी में भी संभव है।

आर्थिक बोझ और सरकार का रुख

पूर्ण OPS बहाली से राज्य के खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार NPS से OPS पर लौटने पर खर्च कई गुना बढ़ सकता है। योगी सरकार का रुख आंशिक राहत देने का रहा है। NPS में सरकार का योगदान 10 से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया। केंद्र की यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) भी चर्चा में है, लेकिन राज्य स्तर पर पूर्ण OPS की मांग जारी है।

कितने प्रभावित होंगे?

अगर पूर्ण बहाली होती है तो मुख्य रूप से 2005 के बाद नियुक्त 8 से 10 लाख से अधिक कर्मचारी और शिक्षक सीधे प्रभावित होंगे। उनके परिवारों को जोड़ लें तो यह आंकड़ा और बढ़ जाता है। पेंशनर्स और पुराने कर्मचारियों का भी समर्थन इस मांग को मजबूती दे रहा है। फिलहाल मुद्दा गर्माया हुआ है और आने वाले दिनों में और आंदोलन या सरकारी फैसले देखने को मिल सकते हैं।

Updated on:
25 Sept 2026 06:38 pm
Published on:
25 Sept 2026 06:38 pm