
UP Politics News:उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए राज्य के बंटवारे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य का विभाजन चाहे पांच, दस या बीस साल बाद हो, ऐसी मांग जनता के बीच उठती रहती है। राजभर ने कहा कि विभाजन होने पर राजभर परिवार का कोई बेटा मुख्यमंत्री बनेगा। उन्होंने अखिलेश यादव पर अति पिछड़े वर्गों और दलितों के अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए। राजभर ने कहा कि वे हर पद पर यादवों का कब्जा चाहते हैं।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की टिप्पणी पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्य का बंटवारा चाहे पांच, 10 या 20 साल बाद हो, जनता के बीच ऐसी मांग उठती रहती है। बुंदेलखंड के लोग बुंदेलखंड की बात करते हैं, जबकि पूर्वांचल के लोग बुंदेलखंड और पूर्वांचल दोनों की बात करते हैं। राजभर ने कहा कि राज्य का बंटवारा जब भी होगा तो मुख्यमंत्री राजभर का बेटा ही बनेगा।
ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा कि वे हर जगह यादवों को चाहते हैं। उनकी सोच है कि हर पद पर यादवों का कब्जा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वे परेशान हैं। राजभर ने कहा कि जब वे सरकार में थे, तब उन्होंने यादव आयोग बनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की फटकार लगी।
राजभर ने रोहिणी आयोग की रिपोर्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट तैयार है, लेकिन क्या वे कभी सदन में इस पर चर्चा के लिए तैयार हुए? राजभर ने आरोप लगाया कि अति पिछड़े वर्गों और दलितों के अधिकारों की बात करने वाले लोगों के पास इस मुद्दे पर बोलने का साहस नहीं है, लेकिन वे वोट जरूर चाहते हैं।
ओम प्रकाश राजभर ने 27 प्रतिशत आरक्षण के बंटवारे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जो लोग अति पिछड़े वर्गों के अधिकारों की बात नहीं करते, उन्होंने अपने चार कार्यकाल में भी इस वर्ग को उसका हक नहीं दिया। राजभर ने कहा कि हाईकोर्ट ने साल 2013 में कहा था कि 27 प्रतिशत आरक्षण का फायदा 12 जातियों को मिल रहा है और इसे सभी जातियों में बांटा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या कभी इस मुद्दे पर बात की गई?