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अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को मौलाना साजिद रशीदी ने बताया चुनावी साजिश, बोले- अखिलेश यादव नास्तिक हैं

Maulana Sajid Rashidi: मौलाना साजिद रशीदी ने अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को 2027 चुनाव से जोड़ते हुए निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 2027 में मुस्लिम वोट नहीं मिलने के डर से अखिलेश रामलला के दर्शन करने जा रहे हैं।
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लखनऊ

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Mohsina Bano

•

Updated: 8 Nov 2026, 2:21 PM IST

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अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर मौलाना साजिद रशीदी ने साधा निशाना (PC: IANS)

Maulana Sajid Rashidi Statement: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को होने वाले प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर यूपी में राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज हो गई है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनके अयोध्या जाने के फैसले को सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि, अखिलेश यादव को अब अच्छी तरह एहसास हो गया है कि इस बार मुस्लिम समुदाय उन्हें बिल्कुल वोट नहीं देगा इसलिए वह हिंदू मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए ही रामलला के दर्शन करने अयोध्या जा रहे हैं।

'अखिलेश यादव नास्तिक हैं'

अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि, "अखिलेश यादव वास्तव में नास्तिक हैं और वह खुद भी कह चुके हैं कि वह देवी-देवताओं में कोई विश्वास नहीं करते हैं।" रशीदी ने दावा किया कि अखिलेश का यह बयान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध भी है। मौलाना रशीदी ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की यह पूरी कोशिश है कि हिंदू मतदाता उन्हें हिंदू समझकर अपना वोट दें। उन्होंने इसे अखिलेश यादव की एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया।

सोनिया गांधी के आंसुओं को बताया दिखावटी

मौलाना साजिद रशीदी ने इसके साथ ही कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाबरी मस्जिद विध्वंस पर दिए गए बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने सोनिया गांधी के आंसुओं को पूरी तरह से घड़ियाली और दिखावटी बताया। मौलाना ने सवाल किया कि 1992 से 1996 तक और फिर 2004 से 2014 तक लगातार केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही। अगर कांग्रेस और सोनिया गांधी को बाबरी मस्जिद विध्वंस का इतना ही दुख था तो अपने शासनकाल में उन्होंने इस मामले में ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की। रशीदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार चाहती तो इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को आसानी से जेल भेज सकती थी।

सोनिया गांधी ने क्या कहा था

गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने हाल ही में ब्रिटिश अखबार द गार्जियन को दिए एक इंटरव्यू में 6 दिसंबर, 1992 की घटना को याद किया था। उन्होंने कहा था कि जब उन्होंने टीवी पर बाबरी मस्जिद को ढहते हुए देखा था तो उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। सोनिया गांधी ने कहा था कि इस घटना के बाद ही उन्हें एहसास हुआ था कि महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के विचारों पर बने धर्मनिरपेक्ष भारत को बचाने के लिए अभी बहुत लंबी लड़ाई लड़नी होगी। सोनिया गांधी का यह इंटरव्यू उनकी संस्मरण पुस्तक 'Belonging: A Journey of Love' के विमोचन से पहले आया है। यह पुस्तक 10 नवंबर को जारी होगी।