
OP Rajabhar: 'उसी दिन समाजवादी पार्टी का जो गढ़ कहते हैं अखिलेश जी, उखाड़कर फेंक देंगे। पता नहीं लगेगा समाजवादी पार्टी कहां गई।’ उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में 29 तारीख को होने वाली सामाजिक समरसता महारैली को लेकर यह बात कही। उन्होंने कहा कि रैली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे।
राजभर ने कन्नौज में समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में भीड़ नहीं जुटने को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कन्नौज से सांसद हैं और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उनके ही लोकसभा क्षेत्र में कार्यक्रम फ्लॉप होना आश्चर्य की बात है। राजभर ने दावा किया कि इससे साफ है कि जनता ने अखिलेश यादव को नकार दिया है और इसका नतीजा 2027 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।
राजभर ने अखिलेश यादव के चुनावी घोषणापत्र को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वो(अखिलेश यादव) घोषणापत्र 2017 में भी लागू किए थे, 2014 में लागू किए, फिर 2022, 2019 में, 2024 सब में लागू किए। 2027 का उनका घोषणापत्र उसी तरह का होगा जिस तरह का 2017 का था। कोई दम नहीं है। सरकार में रहकर जनता का दिल नहीं जीत पाए, जिसकी वजह से आज 10 साल से सत्ता से बाहर हैं। योगी जी, मोदी जी देश की और प्रदेश की जनता का दिल जीते, इस नाते तीसरी बार फिर प्रधानमंत्री बने और तीसरी बार योगी जी फिर बनने जा रहे हैं।
राजभर ने कन्नौज के कार्यक्रम की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में होने वाले किसी कार्यक्रम से की। उन्होंने कहा कि अगर अब मोदी जी के क्षेत्र में कार्यक्रम हो और कार्यक्रम में लोग न आएं, तो मोदी जी की लोकप्रियता पर प्रश्न उठेगा न? उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता का दिल जीता है। राजभर ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसका परिणाम देखने को मिलेगा।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में आज़म खान से मुलाकात करने पर कहा, "ओवैसी जी सही कह रहे हैं, ये चुनावी लाभ लेने के लिए आज आजम खान से मिलने जा रहे हैं। सब लोग जान रहे हैं कि आजम खान जी कितने लंबे समय से जेल में बंद हैं, लेकिन कभी अखिलेश यादव गए नहीं। अखिलेश यादव आजम खान को किनारे लगाने में लगे रहे और आजम खान जी जेल में बंद हैं तो उसके जिम्मेदार भी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव हैं, दूसरा कोई नहीं है। ये जो आरोप लगाते हैं कि भाजपा है, ऐसा कुछ नहीं है। वह खुद जिम्मेदार हैं, उनको गलत तरीके से जमीनों के मामले में फंसाने का एक षड्यंत्र रचा गया, उसके शिकार होकर वह जेल में हैं। जो ये जा रहे हैं जेल में मिलने, यह ओवैसी जी की बढ़ती हुई लोकप्रियता और मुसलमानों में जागृति, राजनीतिक चेतना आने की वजह से इनको लगा कि अब हम नहीं जाएंगे तो चुनाव में हमको वोट कैसे देंगे? तो यह आजम खान से मिलने का इनका चुनावी जुमला है।"
ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि आजमगढ़ के ITI मैदान में सामाजिक समरसता महारैली आयोजित की जाएगी। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
उधर ANI से बातचीत में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि वो चाहे घोषणा पत्र जारी करें या कुछ भी करें, उनकी सरकार नहीं बननी है। जब वे सत्ता में थे तो प्रदेश में दंगे हुए, गुंडागर्दी हुई। जनता इनसे त्रस्त हो गई है, ऊब गई है…"