
Om Prakash Rajbhar On Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेशसरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभरने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भगवान राम के दर्शन से जुड़े अखिलेश यादव के बयान पर तंज कसा। इसके अलावा राजभर ने 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों, समाजवादी पार्टी में शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव की स्थिति, भगवान राम और भगवान शिव को लेकर दिए गए बयान, चंद्रशेखर आजाद के नगीना चुनाव, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सपा पर की गई टिप्पणी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी अपनी बात रखी।
अखिलेश यादव के भगवान राम के दर्शन से जुड़े बयान पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि भगवान राम अखिलेश यादव को इस जन्म में नहीं बुलाएंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव अगले जन्म में अयोध्या जाएंगे। बता दें कि 28 सिंतबर को अखिलेश यादव का एक बयान सामने आया था। उन्होंने कहा था कि भक्ति और आस्था कहती है कि जब भगवान बुलाते हैं, तभी कोई व्यक्ति आता है। अखिलेश यादव के इसी बयान पर ओपी राजभर ने पलटवार किया।
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर समाजवादी पार्टी के भीतर परिवार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि सपा कार्यालय में शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव के प्रवेश के लिए अखिलेश यादव की अनुमति जरूरी है। राजभर ने शिवपाल यादव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मुलायम सिंह यादव के साथ गांव-गांव घूमकर समाजवादी पार्टी को खड़ा करने और संगठन बनाने में अपना जीवन लगाया। इसके बावजूद आज उन्हें पार्टी कार्यालय जाने के लिए भतीजे की अनुमति का इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने धर्मेंद्र यादव का भी जिक्र करते हुए कहा कि परिवार के लोगों की स्थिति ऐसी है तो बाकी नेताओं की स्थिति के बारे में भी सोचा जा सकता है। राजभर ने यह भी कहा कि शिवपाल यादव के साथ राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पार्टी खड़ी करने में उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के मुद्दे पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उन्होंने अभ्यर्थियों से बातचीत की है। उनके मुताबिक, इस भर्ती में अधिकारियों की वजह से कुछ गड़बड़ी हुई है। राजभर ने कहा कि अभ्यर्थियों ने उनसे चार बार मुलाकात की और चारों बार कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि अंतिम निर्णय को लेकर माध्यमिक शिक्षा मंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री और दोनों विभागों के अधिकारियों ने बैठकर बातचीत की।
उन्होंने कहा कि इस मामले में सात साल का समय बीत चुका है और अब अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री को लेना है। राजभर ने अभ्यर्थियों से पेपर उपलब्ध कराने को कहा है। उनका कहना है कि इसके बाद मुख्यमंत्री से मिलकर इस विषय पर बातचीत की जाएगी।
भगवान राम और भगवान शिव को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की ओर से दिए गए बयान पर भी ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग समय पर विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। राजभर ने कांवड़ यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें भगवान शिव को जल चढ़ाया जाता है। उन्होंने जन्माष्टमी और रामनवमी का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण और रामनवमी पर भगवान राम की पूजा की जाती है। राजभर ने कहा कि रेवंत रेड्डी का कथन गलत है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से समाजवादी पार्टी को गिरगिट कहे जाने पर भी ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सपा के लोग समय-समय पर अपना रंग बदलते रहते हैं और उन्हें देखकर गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाएगा। अखिलेश यादव को लेकर राजभर ने दावा किया कि उन्हें पता है कि वह जीत नहीं रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर झूठ बोलने का आरोप भी लगाया।
बसपा प्रमुख मायावती के उस बयान पर भी ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने चंद्रशेखर आजाद पर नगीना लोकसभा चुनाव में धांधली के जरिए जीत हासिल करने का आरोप लगाया था। राजभर ने कहा कि कांग्रेस का पर्चा खारिज होने के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने चंद्रशेखर आजाद का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक चुनाव जीतने का यही कारण रहा। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब इस मामले में कोई कुछ भी कह सकता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि CEC को इस्तीफा क्यों देना चाहिए। उन्होंने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है और 1952 से समय-समय पर इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है। राजभर ने कहा कि SIR के माध्यम से मृत लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसे इस बात का डर है कि अगर मृतकों के नाम मतदाता सूची से हट गए तो फर्जी मतदान नहीं हो पाएगा।
राजभर ने अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां 16 हजार मृतक और 23 हजार शिफ्टेड वोट पाए गए। उन्होंने विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।