सीएम योगी के बड़े मंत्री कर दिया कुछ ऐसा, मच गया हड़कंप...
लखनऊ. अक्सर अपने सरकार पर ही हमला बोलने वाले कैबिनेट मंत्री ने फिर अपनी ही सरकार पर हमला बोला है। उत्तर प्रदेश की सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सूबे की योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तो चुनाव प्रचार कर रहे हैं, जबकि यहां फैजाबाद (अयोध्या) में धारा 144 लगी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अयोध्या में भीड़ एकत्र हो रही है। ऐसे में अगर कुछ भी होता है तो उसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की होगी। इससे पहले कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि चूंकि अयोध्या में धारा-144 लगी है, लेकिन फिर लोग वहां इकट्ठा हो रहे हैं तो साफ है कि प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। इसीलिए सेना को ही बुलाया जाना चाहिए।
सुभासपा ने विरोधियों के सुर
एक ओर जहां राम की नगरी अयोध्या में जय श्रीराम के नारों की गूंज लगातार बढ़ती जा रही है तो वहीं विरोधी दलों के साथ ही योगी सरकार में सहयोगी दल सुभासपा ने भी विरोधियों के सुर में सुर मिलाते हुए यूपी की योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। 25 नवंबर को अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की धर्म सभा है। दावा किया जा रहा है कि लाखों की संख्या में राम भक्त अयोध्या में मौजूद रहेंगे। शिवसेवा प्रमुख उद्धव ठाकरे भी दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को अयोध्या पहुंचे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया है। अयोध्या और फैजाबाद में धारा 144 तक लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए हैं। वहीं बसपा सुप्रमो मायावती ने भी सरकार पर तगड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए भाजपा ने राम मंदिर का मुद्दा उठाया है। अगर भाजपा की मंशा सही होती तो 5 साल तक यूं इंतजार न करना पड़ता। अब यह उनके राजनीतिक दांवपेंच के अलावा कुछ नहीं है। शिवसेना और विश्व हिंदू परिषद जो कर रहे हैं वह भाजपा के इसी
षडय़ंत्र का हिस्सा हैं।
रामलला के दर्शन पर रोक नहीं
वहीं अयोध्या में शनिवार को शिवसेना के आशीर्वाद समारोह एवं अगले दिन विहिप की धर्मसभा के आयोजन ने प्रशासनिक तंत्र की नींद उड़ा रखी है। शिवसैनिकों के जमावड़े ने बेचैन कर रखा है। प्रशासनिक अमले में सबसे
ज्यादा परेशानी रामलला के दर्शन को लेकर है। कमिश्नर मनोज मिश्र का कहना है कि वह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि
रामलला के दर्शन पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है। सुप्रीमकोर्ट के यथास्थिति के आदेश का अनुपालन कड़ाई से होगा। उन्होंने कहा कि रामलला के दर्शन के लिए मोबाइल, बेल्ट, पर्स, पेन, घड़ी समेत प्रतिबंधित सामान ले जाने की इजाजत नहीं होगी। दर्शन से इतर मंशा वालों को नहीं जाने दिया जाएगा।
ये है पुलिस की तैयारी
डीजीपी मुख्यालय से अयोध्या में कानून-व्यवस्था की कमान संभालने के लिए एडीजी तकनीकी सेवायें आशुतोष पांडेय व डीआईजी रेंज झांसी सुभाष सिंह बघेल के अलावा तीन एसपी, 10 एएसपी, 21 डिप्टी एसपी, 160 निरीक्षक, 700 सिपाही, 42 कंपनी पीएसी व पांच कंपनी आरएएफ के अलावा एटीएस कमांडो का दस्ता भी मुस्तैद किया गया है।