मंत्री राजभर ने कहा कि दूसरे दल के विधायक पर कुछ भी बोलने से पहले अपने गिरेबान में झांके भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
लखनऊ. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर आमने-सामने आ गये हैं। दोनों को बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। वाराणसी में प्रदेश अध्यक्ष के दिये बयान पर तीखा पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि दूसरों के विधायकों पर बोलने से वो अपने गिरेबान में झांकें। गौरतलब है कि वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी अध्यक्ष ने लोन के नाम पर बुनकरों के करोड़ों रुपये हड़पने को लेकर भारतीय सुहेलदेव पार्टी के अजगरा से विधायक कैलाश नाथ सोनकर को निशाना बनाते हुए उन्हें चोर करार दिया था।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री राजभर ने कहा कि दूसरे दल के विधायक पर कुछ भी बोलने से पहले वह अपने पार्टी के विधायकों को देख लें जो जेल में सजा काट रहे हैं। पार्टी की ओर से उनपर कोई कार्रवाई नहीं हूई। प्रदेश अध्यक्ष पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि सरकार में सहयोगी दल को लेकर उन्होंने जो भी कहा, वह शोभनीय और प्रशंसनीय है। एक बड़ी पार्टी में बड़े पद की जिम्मेदारी संभालने वाले बड़े नेता के मुंह से निकले शब्दों की मैं प्रशंसा करता हूं। वह विद्वान हैं। उन्हें ऐसे ही बोलते रहना चाहिये।
पहले भी छिड़ चुकी है जुबानी जंग
इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और मंत्री राजभर ने जुबानी जंग हो चुकी है। सरकार विरोधी राजभर के बयानों से आजिज आ चुके पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने हाल ही में उन्हें चेतावनी देते हुए कहा था कि वह रोज-रोज अनर्गल बयानबाजी न करें, नहीं तो उनके खिलाफ मजबूरन कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी। तब भी मंत्री राजभर ने उन्हें तीखा जवाब दिया था। वाराणसी में कैलाश नाथ सोनकर को बीजेपी अध्यक्ष द्वारा चोर पर भी उन्होंने तीखा पलटवार किया।
मैं ज्वालामुखी हूं, ज्यादा दबाओगे तो खतरनाक हो जाउंगा
भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगातार 'कम बोलने' की मिल रही हिदायदों पर मंत्री राजभर ने कहा कि मैं ज्वालामुखी हूं। मुझे दबाने की कोशिश न की जाये। जितना भी दबाया जाएगा और खतरनाक होता जाऊंगा।
शिवपाल से मुलाकात पर दिया ये बयान
पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल यादव से मुलाकात पर राजभर ने कहा कि जब शिवपाल यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलते हैं, तब ऐसे सवाल क्यों नहीं पूछे जाते।