
UP Politics:उत्तर प्रदेशसरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभरने दावा किया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद योगी आदित्यनाथ एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता सरकार के कामकाज से खुश है और सरकार के साथ खड़ी है।
राजभर ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा के शासन में दंगे होते थे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में एक भी दंगा नहीं हुआ।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान प्रदेश में गैंगवार चलते थे। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में अगर कोई अपराधी अपराध करने की कोशिश करता है तो पुलिस 48 घंटे के अंदर उसे पकड़ लेती है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आज प्रदेश में महिलाएं सुरक्षित होकर घूम रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास हुआ है और सरकार के कामकाज को लोग पसंद कर रहे हैं।
राजभर ने कहा कि जनता को लग रहा है कि मौजूदा सरकार अच्छा काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से लोग सरकार के साथ खड़े हैं और 2027 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर सरकार बनने की स्थिति है।
बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर निशाना साधा। लखनऊ में उन्होंने कहा कि आंदोलन करने वाले लोगों को पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए विपक्ष के चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाया।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि 2014 से पहले पूरे देश के सिस्टम पर कांग्रेस का कब्जा था। उन्होंने विपक्ष के उस तर्क पर सवाल उठाया, जिसमें चुनाव आयोग पर किसी राजनीतिक दल के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया जा रहा है। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर उस समय चुनाव आयोग कांग्रेस की मुट्ठी में था और कांग्रेस ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर चुनाव कराया, तो फिर 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कैसे बन गए।
मंत्री ने उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार का उदाहरण देते हुए समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी और उनके मुताबिक उस समय पूरे सिस्टम पर अखिलेश यादव का कब्जा था। राजभर ने इसी तर्क को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग राजनीतिक दलों के प्रभाव में काम करता था, तो अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मिलकर योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री क्यों बनवा दिया।