लखनऊ

ओम प्रकाश राजभर का बयान, कहा उपचुनाव में वोट के लिए पिछड़ों को गुमराह कर रही सरकार

- Om Prakash Rajbhar ने योगी सरकार पर लगाया उपचुनाव के लिए गुमराह करने का आरोप - कहा सरकार को आरक्षण के नाम पर गुमराह करना बंद कर देना चाहिए - सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट हो तत्काल लागू

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Aug 19, 2019
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लखनऊ. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) पर वोट के लिए जातियों के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव को देखते हुए सरकार एक बार फिर गुमराह करने की कोशिश कर रही है। सरकार को आरक्षण के नाम पर गुमराह करना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय सिमिति की रिपोर्ट को तत्काल लागू कर देना चाहिए, ताकि आजादी के बाद से अब तक हाशिए पर अड़े अतिपिछड़े और अतिदलित के बेटे-बेटी को सामाजिक न्याय मिल सके। बिना आरक्षण का विभाजन किए अगर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी, तो वंचित जातियों के साथ धोखा होगा।

वोट के लिए गुमराह करना बंद करे सरकार

राजभर ने कहा कि जब दो साल पहले वह भाजपा सरकार में शामिल थे, तब भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने और तब पार्टी के अध्यक्ष रहे अमित शाह ने उनसे कहा था कि लोकसभा चुनाव से छह माह पूर्व सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को लागू करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे स्पष्ट है कि उपचुनाव के मद्देनजर सरकार एक बार फिर वोट लेने के लिए अतिपिछड़ी जातियों को गुमराह कर रही। सरकार को वोट के लिए अतिपिछड़ों, अतिदलितों और वंचितों को गुमराह करना बंद करना चाहिए।

अति पिछड़ा और अति दलित वर्ग को मिलेगा कोटे में कोटा

गौरतलब है कि सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को लागू करने के लिए शासन स्तर पर सहमति बन गई है। जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में रखा जाएगा। समाज कल्याण विभाग मसौदा बना रहा है। इससे अनुसूचित जाति/जनजाति औओर अन्य पिछड़ा वर्ग की उन जातियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा, जो अब तक आरक्षण के लाभ से वंचित रहे। अनुसूचित जाति/जनजाति को मिलने वाले आरक्षण को दो हिस्सों में बांटने की तैयारी है। यह 10 और 11 फीसदी के हिस्सों में बांटा जाएगा। वहीं, ओबीसी आरक्षण को 7, 11 और 9 के तीन भागों में बांटा जाएगा। अति पिछड़ा और अति दलित वर्ग को अब कोटे में कोटा मिल सकता है।

बता दें कि योगी सरकार ने पिछले साल सामाजिक न्याय समिति गठित की थी। पिछले साल दिसंबर में समिति ने रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट के आधार पर अधिक पिछड़ा वर्ग की जातियों को 11 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गई थी। इनमें गुज्जर, लोधा, कुशवाहा, शाक्य, तेली, साहू, सैनी, माली आदि जातियां शामिल हैं। वहीं, अत्यधिक पिछड़ी जातियों को 9 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही थी। इनमें घोषी, कुरैशी, राजभर, बिंद जैसी जातियां शामिल हैं।

Published on:
19 Aug 2019 01:02 pm
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