
OP Rajbhar on Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के संभावित गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जिसके साथ भी हाथ मिला ले, उनका उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने का सपना केवल एक दिवास्वप्न ही रहेगा। राजभर के मुताबिक, प्रदेश में ‘योगी मॉडल’ के विकास कार्य हर कोने में साफ दिखाई दे रहे हैं, चाहे वह एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी हो या रेल नेटवर्क का विस्तार।
मंत्री राजभर ने कहा कि 2017, 2022 और 2024 के चुनावों में भी विपक्ष ने सरकार बनाने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बार फिर दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी और योगी आदित्यनाथ ही मुख्यमंत्री बनेंगे। अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के भाजपा के सफाए वाले बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अवधेश प्रसाद पहले अपनी स्थिति का मूल्यांकन कर लें, कहीं ऐसा न हो कि अगले चुनाव में उनका ही सफाया हो जाए।
अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए राजभर ने जेपीएनआईसी (JPNIC) परियोजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिस काम का बजट 200 करोड़ रुपये तय हुआ था, उसे अखिलेश सरकार 800 करोड़ रुपये तक ले गई, फिर भी काम अधूरा रहा। उन्होंने सवाल किया कि बाकी पैसा कहां गया? क्या यह खुला घोटाला नहीं है? उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश के शासनकाल में दंगे, गैंगवार और भ्रष्टाचार चरम पर था। जब मुजफ्फरनगर दंगे में जल रहा था, तब सपा नेता सैफई में नाच देख रहे थे।
राजभर ने सपा पर मुस्लिम समुदाय को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 20 प्रतिशत मुस्लिम आबादी ने यादवों को चार बार मुख्यमंत्री बनाया, इसलिए अब सपा का कर्तव्य है कि वह किसी मुस्लिम नेता को सीएम पद की जिम्मेदारी दे। उन्होंने दावा किया कि सपा और कांग्रेस के मुस्लिम नेता गुलामों की तरह काम कर रहे हैं और किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह राहुल गांधी या अखिलेश यादव से यह मांग कर सके।
अपनी ही सरकार के पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के सुस्त रवैये पर नाराजगी जताते हुए राजभर ने कहा कि डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी 32 में से 10-12 बारात घरों की डीपीआर तक तैयार नहीं हुई है। अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति पर विपक्ष के सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति पूरी प्रक्रिया और सिस्टम के तहत हुई है, विपक्ष का काम केवल हर फैसले पर राजनीति करना है।