
OP Rajbhar Mata Prasad Pandey Meeting: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों नेताओं की मुलाकातें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे माता प्रसाद पांडेय से पहले निषाद पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने मुलाकात की। अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष और योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर भी उनसे मिलने जाएंगे।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि वह माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात कर उनका हालचाल जानेंगे। माता प्रसाद पांडेय की तबीयत खराब होने के चलते दोनों नेताओं की यह मुलाकात बताई जा रही है। हालांकि, विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं की विपक्षी खेमे के वरिष्ठ नेता से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।
ओपी राजभर से पहले संजय निषाद ने माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद संजय निषाद ने साफ किया था कि वह पांडेय की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर उनका कुशलक्षेम पूछने पहुंचे थे। इसके बावजूद इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग चर्चाएं शुरू हो गईं। इसकी एक वजह संजय निषाद के हालिया बयान और उनकी अपनी ही सरकार को लेकर सामने आए तेवर भी हैं। संजय निषाद पहले कह चुके हैं कि वह समाजवादी पार्टी के साथ रह चुके हैं। उनका कहना था कि जब वहां दरवाजा बंद हुआ तो वह बीजेपी के साथ आ गए। अगर बीजेपी भी दरवाजा बंद करती है तो आगे के बारे में विचार किया जाएगा। हालांकि, इन बयानों के आधार पर उनके किसी गठबंधन में जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
संजय निषाद हाल में गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर विपक्षी दलों के साथ प्रदर्शन करते नजर आए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनके इन तेवरों के बाद एनडीए में उनकी नाराजगी को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जाने लगीं। खासतौर पर विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले माता प्रसाद पांडेय से उनकी मुलाकात को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, संजय निषाद ने सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी की चर्चाओं से इनकार किया है।
संजय निषाद लंबे समय से निषाद समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल करने और मछुआरा समुदाय के लिए आरक्षण समेत कई मांगें उठाते रहे हैं। वह मछुआरों के लिए नौ प्रतिशत आरक्षण की मांग भी करते रहे हैं। यही वजह है कि उनकी राजनीतिक गतिविधियों पर चुनाव से पहले खास नजर रहती है। हालांकि, अभी तक उनकी ओर से एनडीए छोड़ने या किसी दूसरे गठबंधन में जाने का कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।
संजय निषाद के बाद अब ओपी राजभर का माता प्रसाद पांडेय से मिलने जाना राजनीतिक चर्चा का नया विषय बन गया है। राजभर भी एनडीए का हिस्सा हैं और प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में सत्ता पक्ष के दो सहयोगी नेताओं का अलग-अलग समय पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता से मिलना स्वाभाविक रूप से राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, ओपी राजभर ने मुलाकात की वजह माता प्रसाद पांडेय का स्वास्थ्य और उनका हालचाल जानना बताया है। इसलिए फिलहाल इस मुलाकात को किसी राजनीतिक गठजोड़ या दल बदल से जोड़कर देखना सिर्फ कयास ही होगा। असली तस्वीर आने वाले दिनों में नेताओं के बयानों और राजनीतिक घटनाक्रम से साफ होगी।