- मोदी सरकार ने पूरे किए एक साल - पीएम मोदी ने एक साल पूरा करने पर ृदेशवासियों के नाम लिखा पत्र - कांग्रेस महासचिव ने सुसाइड नोट को लेकर साधा निशाना - मायावती ने दी सलाह
लखनऊ. शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार ने पूर्ण बहुमत से चुनी गई अपनी सरकार (Modi 2.0) का एक साल पूरा कर लिया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने देशवासियों के नाम एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अनुच्छेद 370, तीन तलाक, सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार की उपलब्धि के बारे में बताया। प्रधानमंत्री ने श्रमिकों की समस्याओं के बारे में भी लिखा और सरकार द्वारा उनके लिए की जा रही कोशिशों का भी वर्णन किया। प्रधानमंत्री मोदी के पत्र पर विपक्षी नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी व समाजवादी पार्टी ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए पीएम मोदी पर उनके पत्र में कही गई बातों को लेकर निशाना साधा।
गाजे बाजे के बीच नहीं पहुंचेगा पत्र
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लॉकडाउन से परेशान होकर एक व्यक्ति द्वारा सुसाइड करने को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने मृतक के सुसाइड नोट को ट्वीट कर कहा कि शायद ये पत्र एक साल के गाजे बाजे के साथ प्रधानमंत्री तक न पहुंचे। हिंदुस्तान में बहुत से लोग हैं जो आज भी लॉकडाउन के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, 'एक दुखद घटना में यूपी के भानु गुप्ता ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। काम बंद हो चुका था, इस शख्स को अपना और माता जी का इलाज कराना था। सरकार से केवल राशन मिला था, लेकिन इनका पत्र कहता है और भी चीजें तो खरीदनी पड़ती हैं, और भी जरूरतें होती हैं।' प्रियंका ने अपील की है कि सरकार को यह पत्र जरूर पढ़ना चाहिए। हिदुस्तान में ऐसे और भी बहुत से लोग हैं जो इस कष्ट से गुजर रहे हैं।
मायावती ने दी मोदी सरकार को सलाह
बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने नरेंद्र मोदी सरकार के एक साल पूरा होने पर उन्हें सलाह दी है। मायावती ने लिखा, 'केन्द्र में बीजेपी सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर अनेकों दावे किए गए हैं किन्तु वे जमीनी हकीकत व जनता की सोच/समझ से दूर न हों तो बेहतर है। वैसे इनका यह कार्यकाल अधिकतर मामलों में काफी विवादों से घिरा रहा है जिनपर इनको देश व आमजनहित में जरूर गम्भीरता से चिन्तन करना चाहिये।'
मायावती ने कहा कि देश में 130 करोड़ जनसंख्या में से अधिकतर गरीबों, बेरोजगारों, किसानों व श्रमिकों का जीवन पहले से कष्टदायी है और इसे भुलाया नहीं जा सकता।
सपा सरकार ने की आलोचना
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि कोरोनाकाल की आर्थिक तंगी से उपजे अवसाद के कारण आज युवा आत्महत्या कर रहे हैं। आज सरकार की असंवेदनशीलता व दिशाहीन नीतियों की वजह से जो निराशा फैल रही है, वो चिंता का विषय है। अपने संकल्प व सच्चे नेतृत्व से जनता में विश्वास जगाये रखना भी सरकारों का ही दायित्व होता है।