महोबा में मरकर फिर जिंदा हो गया शातिर अपराधी,अपनी ही हत्या की रच डाली थी साजिश,दें रहा था अपराधों को अंजाम
लखनऊ. गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में आक्सीजन सप्लाई की कमी से हुई तीस बच्चों की मौत से लगता है प्रशासन ने सबक नहीं लिया है और आज इसका खामियाजा लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में तीन बच्चों को भुगतना पड़ा जिनकी वहां मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि वार्ड में शिफ्ट करने के दौरान 4 बच्चों को ऑक्सीजन दी जा रही थी, लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन खत्म होने के चलते उनमें से तीन की मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला-
मामला राजधानी लखनऊ के चौक इलाके में स्थित किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) का है जहां डॉक्टरों की लापरवाही से 3 मासूम बच्चों की मौत हो गई, जिससे अस्पताल में हड़कंप मच गया है। मासूमों की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और वे अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि एक ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर 4 बच्चों को ट्रॉमा सेंटर से बाल विभाग में शिफ्ट किया जा रहा था। इसी दौरान इनमें से तीन बच्चों की मौत हो गई। परिजनों ने वार्ड ब्वॉए से आग्रह किया था कि वो एक-एक कर बच्चों को बाल विभाग में शिफ्ट करे, लेकिन वार्ड बॉय ने उनकी एक न सुनी और अपनी जिद को पूरा करते हुए वह चारों को एक साथ एक ही सिलेंडर से ऑक्सीजन देते हुए शिफ्ट करने लगा। उनका कहना है कि बाल विभाग वार्ड बॉय की ज़िद की वजह से ही उनमें से 3 बच्चों की मौत हो गई।
सीएमओ ने दिए जांच के आदेश-
ऑक्सीजन के अभाव में हुई तीन बच्चों की मौत के मामले से केजीएमयू पल्ला झाड़ता दिख रहा है। केजीएमयू के प्रवक्तता डॉ सुधीर का कहना है कि एक सिलेंडर पर चार बच्चों को ले जाने की बात गलत है। सिर्फ 3 महीने के बच्चे की हार्ट अटैक के चलते मौत हुई है। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी नहीं हैं। वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने जांच के आदेश दे दिए हैं।