Pan Masala Price: उत्तर प्रदेश में पान मसाला कारोबार जीएसटी विभाग की सख्ती से प्रभावित हुआ है। उत्पादन घटने और कीमतें बढ़ने से कई फैक्ट्रियां हरियाणा पलायन की तैयारी कर रही हैं, जिससे राजस्व और रोज़गार पर संकट गहरा सकता है।
Pan Masala Price: उत्तर प्रदेश में राज्य जीएसटी विभाग द्वारा चलाए जा रहे कड़े निरीक्षण और चेकिंग अभियान ने पान मसाला उद्योग पर गहरा असर डाला है। कई फैक्ट्रियों ने उत्पादन बंद कर दिया है, जिससे बाजार में पान मसाला की आपूर्ति कम हो गई है और कीमतों में प्रति पैकेट ₹5 की वृद्धि हुई है।
फैक्ट्रियों का हरियाणा की ओर रुख
कारोबारियों का दावा है कि लगातार छापेमारी और फैक्ट्रियों में अधिकारियों की तैनाती से उन्हें "इंस्पेक्टर राज" का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से बचने के लिए कई कंपनियां उत्तर प्रदेश से हरियाणा पलायन की तैयारी कर रही हैं। हालांकि, हरियाणा सरकार ने हाल ही में पान मसाला, गुटखा और तंबाकू उत्पादों पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे वहां कारोबार करना मुश्किल हो सकता है
टैक्स चोरी रोकने का प्रयास
उत्तर प्रदेश सरकार का तर्क है कि पान मसाला पर लगने वाला 88% जीएसटी राज्य के राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए, जीएसटी चोरी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। फैक्ट्रियों से निकलने वाले हर ट्रक का ई-वे बिल स्कैन किया जा रहा है, जिससे कानूनी दबाव और बढ़ गया है
संकट में छोटे व्यापारी
कमलेश जैसे छोटे दुकानदारों का कहना है कि वे बढ़ी हुई कीमतें ग्राहकों पर नहीं डाल सकते, जिससे उनका मुनाफा घट रहा है। यह स्थिति हजारों परिवारों की आजीविका के लिए खतरा बन गई है .
संभावित प्रभाव
अगर यह स्थिति जारी रही, तो न केवल राज्य सरकार के राजस्व पर असर पड़ेगा, बल्कि इस उद्योग से जुड़े लाखों लोगों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो सकता है।