Patrika Positive News. ऑक्सीजन उपलब्धता के मामले में उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर हो रहा है।
लखनऊ. Patrika Postive News. अप्रैल माह में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी से हजारों कोविड मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब योगी सरकार ने युद्ध स्तर पर इसके इंतजाम करना शुरू कर दिए हैं। ऑक्सीजन उपलब्धता के मामले में उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर हो रहा है। सीएम योगी ने पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए बड़ी पहल की है, जिससे दूसरे राज्यों पर से निर्भरता खत्म होगी। सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश में 485 ऑक्सीजन प्लांट में से 258 ऑक्सीजन प्लांट पर काम चल रहा है। वहीं 167 के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं।
सीएम योगी ने कहा है कि ऐसे निजी मेडिकल कॉलेज जिन्हें सरकार की ओर से टेकओवर किया गया है, उनमें अगर ऑक्सीजन प्लांट नहीं है, तो सरकार की ओर से ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा और इसकी प्रतिपूर्ति निजी मेडिकल कॉलेजों को दी जाने वाली धनराशि से की जाएगी। प्रदेश में ऑक्सीजन आडिट और सॉफ्टवेयर आधारित ट्रैकिंग के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। मौजूदा समय में सभी जिलों में पर्याप्त बैकअप है। मेडिकल कॉलेजों में भी ढाई दिन तक का ऑक्सीजन स्टोर है, शुक्रवार को प्रदेश में 753 एमटी ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को भी ऑक्सीजन दिया जा रहा है।
प्रदेश में 25 ऑक्सीजन प्लांट कार्य कर रहे हैं। पीएम केयर फंड से कुल 188 नए ऑक्सीजन प्लांट लगने हैं, जिसमें से पांच लग गए हैं और 16 पर काम चल रहा है। इसके अलावा 167 प्लांट के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। राज्य सरकार की ओर से 27, चीनी मिलों और आबकारी विभाग की ओर से 79, बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन की ओर से 10, सांसद निधि से छह और विधायक निधि से 37, स्टेट डिजास्टर रीलिफ फंड (एसडीआरएफ) से 25 और पाथ की ओर से दो ऑक्सीजन प्लांट लग रहे हैं। इसके अलावा सीएसआर फंड से 59 प्लांट लग रहे हैं, जिसमें तीन लग चुके हैं। सांसद निधि से दो, विधायक निधि से 20, एसडीआरएफ से पांच ऑक्सीजन प्लांट जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद है।