लखनऊ

25 हजार तक की आय वालों को सस्ते में मकान सौंपेगी योगी सरकार, हर मकान पर 5.33 लाख रुपये का अनुदान

फ्लैट का आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अनुसार किया जाएगा और डूडा के माध्यम से डीएम की अध्यक्षता में खुली लॉटरी कराई जाएगी।

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Jan 01, 2021
25 हजार तक की आय वालों को सस्ते में मकान सौंपेगी योगी सरकार, हर मकान पर 5.33 लाख रुपये का अनुदान

लखनऊ. किराए के घर पर रहने वालों को केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार ने नए साल पर बड़ी राहत दी है। नए साल में सरकार लाइट हाउस योजना के तहत तैयार होने वाले 12.59 लाख के मकान को लोगों को मात्र 4.75 लाख में देगी। लखनऊ के 1040 शहरी गरीबों को मात्र पौने पांच लाख में 415 स्क्वायर फिट एरिया का फ्लैट अगले साल सौंपा जाएगा। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से सात लाख 83 हजार रुपए अनुदान के रूप में दिए जाएंगे. शेष धनराशि चार लाख 76 हजार ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लाभार्थी को देने होंगे। फ्लैट का आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अनुसार किया जाएगा और डूडा के माध्यम से डीएम की अध्यक्षता में खुली लॉटरी कराई जाएगी। हालांकि, ऐसे फ्लैट का लाभ उन ही लोगों को मिल सकता है जिनकी मासिक आय 25 हजार (सालाना तीन लाख) रुपये हो। शुक्रवार एक जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाइट हाउस योजना का शुभारंभ वर्चुवल करेंगे। सुलतानपुर रोड पर अवध विहार में यह तेरह मंजिला अपार्टमेंट तैयार होंगे। एक जनवरी को होने वाले शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।

स्टील के फ्रेम पर बनेंगे मकान

सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह के अनुसार, मकान की लागत इसीलिए बढ़ रही है क्योंकि ज्यादा कंपनियां इस पर काम नहीं कर रही हैं। जैसे-जैसे तकनीक प्रचलन में आ जाएगी, नई कंपनियां काम करना शुरू कर देंगी और उसके बाद निर्माण लागत काफी कम हो जाएगी। यह मकान पूरे स्टील के फ्रेम पर बनेंगे और मजबूती में कहीं से भी कमजोर नहीं होंगे। उन्होंने कहा इस टेक्नोलॉजी को पूरे प्रदेश में बढ़ावा दिया जा रहा है।

हर मकान पर 5.33 लाख रुपये का अनुदान

12 लाख 59 हजार में भारत सरकार साढ़े पांच लाख में अनुदान देगी। केंद्र सरकार टेक्निकल इनोवेशन ग्रांट (टीआईजी) के तहत चार लाख, जबकि राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाख और टीआईजी के तहत एक लाख 33 हजार रुपए देगी। इस तरह से हर मकान पर 5.33 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। इसका फायदा आम आदमी के साथ-साथ कंपनियों को भी होगा। कंपनियां इस टेक्नोलॉजी को अपनाकर कम समय में ज्यादा मकान बना सकेंगी। वहीं लोगों को भी पहले की तुलना में बहुत कम समय में मकान मिलेंगे।

6 राज्यों को मिलेगा लाइट हाउस का लाभ

देश में ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया (जीएचटीसी इण्डिया) तकनीकी के तहत 14 राज्यों ने आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार में आवेदन किया था। इसमें छह राज्यों मध्य प्रदेश में इंदौर, गुजरात में राजकोट, तमिलनाडु में चेन्नई, झारखंड में रांची, त्रिपुरा में अगरतला और उत्तर प्रदेश में लखनऊ को लाईट हाउस प्रोजेक्ट के तहत आवास बनाने के लिए चुना गया है।

Published on:
01 Jan 2021 09:56 am
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