
MP Pramod Tiwari Latest Statement: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारीने केंद्र की NDA सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में NDA के कई सहयोगी दल गठबंधन से अलग हो सकते हैं। प्रमोद तिवारी ने यह भी दावा किया कि मौजूदा सरकार 2029 तक नहीं चल पाएगी।
कांग्रेस सांसद की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और आयोग के भीतर कथित मतभेदों पर राजनीतिक बहस तेज है। इसी बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने CEC ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की मांग की थी।
प्रमोद तिवारी ने समिक भट्टाचार्य की ओर से ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण दिए जाने की मांग पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या यह मांग समिक भट्टाचार्य ने खुद की है या फिर किसी के कहने पर ऐसा बयान दिया गया है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को इस तरह की मांग करने के लिए कहा गया है, तो ऐसा निर्देश देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
समिक भट्टाचार्य ने 25 सितंबर को कहा था कि ज्ञानेश कुमार पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव कराने और मतदाता सूची में बदलावों के लिए कम से कम पद्म भूषण के हकदार हैं।
प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि जिस अधिकारी को विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवालों के घेरे में रख रहा है, उन्हें पद्म पुरस्कार देने की मांग करना इन पुरस्कारों का अपमान होगा। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को पुरस्कार देने की मांग से भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच राजनीतिक निकटता का संकेत मिलता है।
भाजपा की ओर से राहुल गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में प्रमोद तिवारी ने कहा कि अलग-अलग सर्वेक्षणों में राहुल गांधी को लोकतंत्र की रक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने करीब तीन साल पहले जिन मुद्दों को उठाया था, वे अब सामने आ रहे हैं। प्रमोद तिवारी ने पिछले 10 महीनों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के 14 प्रयास होने का भी दावा किया।
कांग्रेस सांसद ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी को 'हीरो' और भाजपा को 'विलेन' बताया। उन्होंने दावा किया कि जनता भाजपा को माफ नहीं करेगी।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी SIR और मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार नागरिकों को सरकार चुनने और जरूरत पड़ने पर उसे बदलने की शक्ति देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। सुप्रिया श्रीनेत ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए वोटों की कथित 'चोरी' का आरोप लगाया और एनडीए के सहयोगी दलों से इस मुद्दे पर कार्रवाई करने की अपील की।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि देश के लोगों में इस मुद्दे को लेकर नाराजगी है। उन्होंने एनडीए के सहयोगी दलों से स्थिति को समझने और समय रहते कदम उठाने की अपील की। वहीं, प्रमोद तिवारी ने दावा किया कि आने वाले समय में एनडीए के कई घटक दल गठबंधन से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने 2029 तक सरकार के बने रहने को लेकर भी सवाल उठाया।