लखनऊ

Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उलझाई मौत की गुत्थी, शरीर पर मिले 6 जख्मों के निशान

प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ने चौंका कर रख दिया है। फेफड़ों में ब्लॉकेज के साथ शरीर पर मिले 6 चोटों के निशान। क्या यह सिर्फ बीमारी है या कुछ और? पढ़ें पूरा मामला...
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May 14, 2026
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प्रतीक यादव के शरीर पर मिले 6 जख्मों के निशान | फोटो सोर्स- Instagram/ iamprateekyadav

Prateek Yadav Death: त्तर प्रदेश के हाई-प्रोफाइल प्रतीक यादव मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सस्पेंस और गहरा गया है। शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज बताई जा रही है, जिससे हार्ट और सांस लेने की प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया था। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात शरीर पर मिलीं 6 अनसुलझी चोटें हैं, जिन्होंने जांच की दिशा में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

शरीर पर मिले 6 जख्मों का रहस्य

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक के शरीर पर कुल 6 चोटें पाई गई हैं। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी चोटें 'एंटीमॉर्टम' हैं, यानी मौत होने से पहले की हैं। इनमें से 3 चोटें करीब 5 से 7 दिन पुरानी हैं। वहीं बाकी 3 चोटें मौत से सिर्फ एक दिन पहले की हैं।

फिलहाल इन चोटों के पीछे का असल कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक फाइनल फोरेंसिक और केमिकल रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इन जख्मों के बारे में कुछ भी बता पाना मुश्किल है।

फेफड़ों में जमा मिला 'खून का थक्का'

जांच के दौरान डॉक्टरों को हृदय और फेफड़ों से थक्के जैसा पदार्थ मिला है। इसकी बारीकी से जांच करने के लिए सैंपल 'फॉर्मेलिन' में सुरक्षित रख लिए गए हैं। इसके अलावा, विसरा के नमूने भी लैब भेजे गए हैं, ताकि किसी भी तरह के जहर या बाहरी केमिकल के प्रभाव की संभावना का पूरी तरह पता लगाया जा सके। एक्सपर्ट्स अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह थक्का नेचुरल था या इसके पीछे कोई बाहरी कारण हो सकता है।

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे प्रतीक

इस पूरे मामले पर मेदांता अस्पताल की के कुछ डॉक्टरों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रतीक पिछले काफी समय से हाइपरटेंशन और पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों में खून जमने की बीमारी) जैसी गंभीर समस्याओं का इलाज करा रहे थे। मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि प्रतीक को कुछ समय पहले ही सांस लेने में दिक्कत के कारण भर्ती कराया गया था। जांच में पता चला था कि उनके फेफड़ों में ब्लॉकेज है, जिसका असर उनके दिल पर भी पड़ रहा था। वे नियमित रूप से खून पतला करने वाली दवाइयां ले रहे थे।

अब किसका इंतजार है?

बीमारी की बात सामने आई है, लेकिन शरीर पर मिले चोट के निशानों ने मामले को संदिग्ध बना दिया है। अब विसरा रिपोर्ट और अन्य लैब टेस्ट का इंतजार है, जिससे यह साफ हो पाएगा कि यह केवल एक प्राकृतिक मौत है या इसके पीछे कोई और बड़ी वजह है।