Private Schools Fees increase स्कूलों में नए सत्र में फीस बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने फीस न बढ़ाने की जो पाबंदी स्कूलों पर लगाई थी, उसे हटाकर फीस में बढ़ोत्तरी की अनुमति प्रदान कर दी है। सरकार के इस नए फरमान से अभिभावक परेशान हैं। इस महंगाई में यह बड़ी चोट है। नया फीस स्ट्रक्चर क्या होगा जानें।
पेट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के बाद अब स्कूलों की फीस बढ़ाई जाएगी। कोरोना संक्रमण की वजह से निजी स्कूलों पर फीस बढ़ाने पर लगाई गई रोक हटा ली गई है। अब यूपी के सभी निजी स्कूल 9.5 फीसद फीस बढ़ा सकेंगे। इसकी अनुमति यूपी सरकार ने प्रदान कर दी है। यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएससी बोर्ड के सभी स्कूलों को इस आदेश में शामिल किया गया है। ये फरमान अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला जारी किया है। अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक, यूपी बोर्ड सचिव और सभी डीआईओएस को पत्र लिखकर यह निर्देश जारी कर दिया है कि, फीस वृद्धि पर लगी रोक को हटाया जा रहा है।
फीस बढ़ाने की पाबंदी हटी
बीते दो शैक्षिक सत्रों वर्ष 2020-21 और वर्ष 2021-22 में कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल फीस नहीं बढ़ाई गई थी। वर्तमान सत्र 2022-23 में अभिभावकों को अब ज्यादा फीस देनी होगी। सात जनवरी 2022 को कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए इस सत्र में भी सरकार ने फीस बढ़ाने पर रोक लगा दी थी। पर सब कुछ ठीक देखकर अब इस पाबंदी को हटा लिया गया है।
फीस बढ़ाने का फार्मूला
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि, वह शैक्षिक सत्र 2022-23 में फीस बढ़ोतरी के लिए नवीनतम उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को आधार माना जाए। और इसमें वर्ष 2019-2020 की फीस में अधिकतम पांच प्रतिशत की वृद्धि कर इसे जोड़ लें।
अधिक फीस की शिकायत दर्ज कराएं अभिभावक
आराधना शुक्ला ने कहाकि, उत्तर प्रदेश स्वावित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियम) अधिनियम 2018 की धारा-4 (2) अंतर्गत शुल्क बढ़ोतरी के इस निर्धारित फार्मूले का पालन सख्ती से करना होगा। अगर किसी स्कूल ने ज्यादा फीस बढ़ाई तो कार्रवाई होगी। अगर स्कूल अधिक फीस वसूलता है तो, अभिभावक जिला शुल्क नियामक समिति से शिकायत कर सकता हैं। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, उप्र अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है।