लखनऊ

2022 विधानसभा चुनाव के लिये कांग्रेस ने बनाया प्लान, इन जातियों के सहारे यूपी में खेल दिया बड़ा दांव

उत्तर प्रदेश में अपनी खोई राजनीतिक जमीन पाने के लिए कांग्रेस का फोकस अब सामाजिक समीकरणों पर भी रहेगा...
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Dec 23, 2019
2022 विधानसभा चुनाव के लिये कांग्रेस ने बनाया प्लान, इन जातियों के सहारे यूपी में खेल दिया बड़ा दांव
2022 विधानसभा चुनाव के लिये कांग्रेस ने बनाया प्लान, इन जातियों के सहारे यूपी में खेल दिया बड़ा दांव

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अपनी खोई राजनीतिक जमीन पाने के लिए कांग्रेस का फोकस अब सामाजिक समीकरणों पर भी रहेगा। इसी क्रम में 2022 विधानसभा चुनाव (2022 Vidhan Sabha Election) के लिये कांग्रेस अब प्रदेशभर में जनाधार बढ़ाने की जुगत में लग गई है। अपनी इन्हीं कोशिशों के तहत कांग्रेस ने अब पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों को लेकर बड़ा दांल खेला है। कांग्रेस इन जातियों को जोड़ने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत कांग्रेस 26 दिसंबर से 13 जनवरी तक प्रदेश भर के हर मंडल में बैठक, नुक्कड़ सभाएं करके इन जातियों को पार्टी से जोड़ने की कोशिश करेगी। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में कांग्रेस के वरष्ठ नेताओं ने बैठक कर रणनीति बनाई। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के अलावा कई मण्डलों के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधि शामिल थे और सभी ने अपने-अपने सुझाव दिये।


बैठक में बनी रणनीति

बैठक में प्रदेश भर के लिये कार्यक्रम तय किये गये। मंडलों के दौरे के कार्यक्रम के तहत 26 दिसम्बर को कानपुर, 27 दिसम्बर को झांसी, 28 दिसम्बर को चित्रकूट, 29 दिसम्बर को इलाहाबाद, 30 दिसम्बर को वाराणसी, 31 दिसम्बर को मिर्जापुर, 2 जनवरी को आजमगढ़, 3 जनवरी को गोरखपुर, 4 जनवरी को बस्ती, 5 जनवरी को फैजाबाद, 6 जनवरी को देवीपाटन, 7 जनवरी को लखनऊ, 8 जनवरी को बरेली, 9 जनवरी को मुरादाबाद, 10 जनवरी को सहारनपुर, 11 जनवरी को मेरठ, 12 जनवरी को अलीगढ़ और 13 जनवरी को आगरा मण्डल में सभाएं, बैठकें एवं नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी।


पिछड़ों की बढ़ेगी भागीदारी

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष असज कुमार लल्लू ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा पिछड़ों का सम्मान रखा है और वर्तमान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में पिछड़े वर्ग को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व दिया गया है। आने वाले समय में प्रदेश में पिछड़ों को संगठन और सत्ता में भागीदारी दिलाई जाएगी। उन्होंने मौजूदा सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने शुरू से ही पिछड़ों को ठगने का काम किया है। पिछड़ा वर्ग भाजपा की कुत्सित चाल को समझ चुका है और वह अब इनके बहकावे में आने वाला नहीं है।


पिछड़ों-अति पिछड़ों को मुख्य धारा में लाने की कोशिश

पूर्व सांसद राजा राम पाल ने कहा कि पिछड़ों और अतिपिछड़ों को जोड़कर उन्हें मुख्य धारा में लाने का काम किया जायेगा। पिछड़ों व अतिपिछड़ों के दम पर गैर कांग्रेसी सरकारों में मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री बने लेकिन पिछड़ों को देने के नाम पर सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं। अब पिछड़ा वर्ग जाग चुका है और केन्द्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए एकजुट हो रहा है।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी 20 फीसदी दलित

पार्टी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी में जातीय समावेशी फार्मूले को भी साधा था। कमेटी में लगभग 45 फीसदी पिछड़ी जातियों को प्रतिनिधित्व दिया गया। पिछड़ी जाति में भी हशिए पर खड़ी अति पिछड़ी जातियों पर ज्यादा फोकस किया गया। दलित आबादी को करीब 20 फीसदी का नेतृत्व दिया गया। इस नेतृत्व में प्रभुत्वशाली दलित जातियों के अलावा अन्य जातियों को भी मौका मिला।

Updated on:
23 Dec 2019 09:52 am
Published on:
23 Dec 2019 09:52 am