लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी के लिए लखनऊ पहुंचे। मानहानि से जुड़े मामले में निर्धारित सुनवाई के तहत उन्होंने अदालत में हाजिरी लगाई। उनके आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी।
Rahul Gandhi Appears in Sultanpur MP/MLA Court: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे, जहां से वे सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी के लिए रवाना हुए। उनके आगमन को लेकर राजधानी और सुल्तानपुर दोनों जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अदालत में यह पेशी एक आपराधिक मानहानि से जुड़े मामले में निर्धारित थी।
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। एयरपोर्ट से लेकर सड़क मार्ग तक समर्थकों की भीड़ जुटी रही। “न्याय की जीत होगी” और “लोकतंत्र जिंदाबाद” जैसे नारों के बीच कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित मामला बताया।
सुल्तानपुर में आज राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब कांग्रेस नेता Rahul Gandhi करीब आठ वर्ष पुराने मानहानि मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। यह मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को लेकर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है। इस बयान को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने परिवाद दायर किया था। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का अंतिम अवसर दिया था। निर्धारित तारीख पर वे लखनऊ से सड़क मार्ग द्वारा सुल्तानपुर पहुंचे और सीधे अदालत में हाजिर हुए। चूंकि यह मामला जनप्रतिनिधियों से संबंधित है, इसलिए इसकी सुनवाई विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में हो रही है। राहुल गांधी फिलहाल इस प्रकरण में जमानत पर हैं। कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। खबर लिखे जाने तक वे अदालत कक्ष के भीतर मौजूद थे, जहां उनका बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी।
राहुल गांधी के आगमन को देखते हुए लखनऊ एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बाद उनका काफिला सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुआ। मार्ग में कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र दिखाई दिए। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए थे। सुल्तानपुर में अदालत परिसर के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही कोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई।
एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी निर्धारित समय पर पहुंचे। उनके साथ कानूनी टीम भी मौजूद रही। अदालत में संक्षिप्त सुनवाई के दौरान पक्षकारों की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने अगली तारीख निर्धारित करते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी कानून का सम्मान करते हैं और न्यायपालिका पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है, लेकिन पार्टी न्यायिक प्रक्रिया का पूरी गंभीरता से सामना करेगी।
राहुल गांधी की पेशी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज रही। कांग्रेस नेताओं ने इसे “लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश” बताया, जबकि विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और अदालत की प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी की हर कानूनी कार्रवाई राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बन जाती है। ऐसे मामलों का असर राजनीतिक विमर्श पर भी पड़ता है।
सुल्तानपुर में राहुल गांधी के समर्थन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे। हालांकि प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना समर्थन व्यक्त किया। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक कानूनी प्रक्रिया है और वे पूरी तरह आश्वस्त हैं कि न्याय मिलेगा।
कानूनी जानकारों के अनुसार, आपराधिक मानहानि के मामलों में आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति कई बार अनिवार्य होती है। यदि अदालत चाहे तो उपस्थिति से छूट भी दे सकती है, लेकिन आज की तारीख पर अदालत ने व्यक्तिगत पेशी का निर्देश दिया था। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेती है। प्रक्रिया लंबी हो सकती है, लेकिन यह न्यायिक व्यवस्था का हिस्सा है।