मानहानि से जुड़े मामले में राहुल गांधी पिछले महीने 19 जनवरी को सुल्तानपुर में MP-MLA कोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश नहीं हो सके थे, जिसके बाद कोर्ट ने अगली तारीख 20 फरवरी तय की थी।
Rahul Gandhi Appears in Sultanpur MP/MLA Court: कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी से जुड़े मामले में यूपी के सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। उनके वकील ने बताया कि राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना के चलते दर्ज कराया गया है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है।
राहुल गांधी करीब 20 मिनट तक कोर्ट में मौजूद रहे और अपना बयान दर्ज कराया। इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की गई है। कोर्ट से निकलने के बाद राहुल गांधी रामचेत मोची की दुकान की ओर रवाना हुए। रामचेत का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था। एक साल पहले राहुल गांधी उनकी दुकान पर पहुंचे थे और उनके साथ बैठकर जूते सिले थे। बाद में उन्होंने रामचेत को सिलाई मशीन भी भिजवाई थी। अब वे उनके परिवार से मुलाकात करने जाएंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे थे, जहां से वे सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेशी के लिए रवाना हुए। उनके आगमन को लेकर राजधानी और सुल्तानपुर दोनों जगह सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अदालत में यह पेशी एक आपराधिक मानहानि से जुड़े मामले में निर्धारित थी।
राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। एयरपोर्ट से लेकर सड़क मार्ग तक समर्थकों की भीड़ जुटी रही। “न्याय की जीत होगी” और “लोकतंत्र जिंदाबाद” जैसे नारों के बीच कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से प्रेरित मामला बताया।
यह मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को लेकर की गई एक टिप्पणी से जुड़ा है। इस बयान को लेकर भाजपा नेता विजय मिश्रा ने परिवाद दायर किया था। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का अंतिम अवसर दिया था।
राहुल गांधी के आगमन को देखते हुए लखनऊ एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बाद उनका काफिला सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुआ। मार्ग में कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र दिखाई दिए। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए थे। सुल्तानपुर में अदालत परिसर के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही कोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई।
राहुल गांधी की पेशी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज रही। कांग्रेस नेताओं ने इसे “लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश” बताया, जबकि विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और अदालत की प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी की हर कानूनी कार्रवाई राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बन जाती है। ऐसे मामलों का असर राजनीतिक विमर्श पर भी पड़ता है।
सुल्तानपुर में राहुल गांधी के समर्थन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जुटे। हालांकि प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना समर्थन व्यक्त किया। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक कानूनी प्रक्रिया है और वे पूरी तरह आश्वस्त हैं कि न्याय मिलेगा।