26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अप्रैल में नहीं होंगे यूपी पंचायत चुनाव, राज्य निर्वाचन आयोग के इस फैसले से बढ़ी प्रत्याशियों की चिंता!

UP Panchayat Election 2026: यूपी में अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अप्रैल में नहीं होंगे। प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है, जिससे समय पर चुनाव होने को लेकर असमंजस बढ़ गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Anuj Singh

•

Updated: 20 Feb 2026, 8:14 AM IST

Panchayat Chunav फोटो सोर्स : Social Media

Panchayat Chunav फोटो सोर्स : Social Media

UP Panchayat Chunav 2026: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन प्रत्याशियों को बड़ा झटका लगा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है। अब फाइनल वोटर लिस्ट 15 अप्रैल 2026 को जारी होगी। पहले यह तारीख 28 मार्च तय थी, जो अब बदल गई है। यह दूसरी बार है जब समयसीमा बढ़ाई गई है। पहले फरवरी से बढ़ाकर मार्च किया गया था। गुरुवार को आयोग के राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने यह आदेश जारी किया। वहीं इस आदेश के बाद यह तो तय हो गया है कि अप्रैल में पंचायत चुनाव, तो नहीं होने वाले हैं।

क्यों बढ़ाई गई तारीख?

आयोग के अनुसार, कई वजहों से यह फैसला लिया गया। मतदाता सूची को कंप्यूटरीकृत करना, राज्य मतदाता नंबर जारी करना और मतदान स्थलों की मैपिंग का काम पूरा नहीं हो पाया। पहले यह सब 27 मार्च तक होना था, अब 13 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। SIR में देरी, बोर्ड परीक्षाएं, ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) पर कई कामों का बोझ और प्रशासन की व्यस्तता मुख्य कारण बताए गए हैं। इन सबके चलते दावे-आपत्तियों का निस्तारण और अन्य प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं।

प्रधानों का कार्यकाल मई में खत्म

ग्राम पंचायत प्रधानों का 5 साल का कार्यकाल 26 मई 2026 को खत्म हो रहा है। फाइनल वोटर लिस्ट 15 अप्रैल को आएगी, तो सिर्फ एक महीने में चुनाव की सारी तैयारियां जैसे आरक्षण, नामांकन, प्रचार और मतदान कराना बहुत मुश्किल लग रहा है। अभी तक ओबीसी आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है। इस आयोग में 5 सदस्य होंगे, जिसमें अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज होंगे। फिर ट्रिपल टेस्ट करके ओबीसी आरक्षण तय होगा। यह सब समय लेगा।

प्रत्याशियों में बढ़ी बेचैनी

इस देरी से संभावित प्रत्याशियों की चिंता बढ़ गई है। गांव-गांव में लोग तैयारियां कर रहे थे, लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि चुनाव मई से पहले होंगे या नहीं। अगर कार्यकाल खत्म होने तक चुनाव नहीं हुए, तो ग्राम पंचायतों में प्रशासक तैनात किए जा सकते हैं। फिर 6 महीने के अंदर चुनाव कराए जा सकते हैं। कई जगहों पर चर्चा है कि चुनाव जुलाई या उसके बाद तक टल सकते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में 2027 विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव होने की भी बात कही जा रही है।

मंत्री का दावा, लेकिन हकीकत अलग

पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर बार-बार कह रहे हैं कि चुनाव समय पर होंगे। लेकिन आयोग के फैसले और देरी देखकर लगता है कि अप्रैल-मई में चुनाव मुश्किल हैं। राजनीतिक दल और उम्मीदवार अब पंचायत चुनाव को लेकर अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

बड़ी खबरें

View All

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग