
सपा विधायक ने सदन में पूछा सवाल, PC- X
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन गुरुवार को सदन में तीखी बहस, राजनीतिक तंज और हल्की-फुल्की नोकझोंक का मिश्रित दृश्य देखने को मिला। चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तल्ख टिप्पणियां हुईं, तो वहीं स्पीकर ने भी समय-सीमा और आचरण को लेकर सख्ती दिखाई।
समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने ब्रजेश पाठक के ‘बटुक पूजन’ कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज सम्माननीय है, लेकिन 'आज शिखा की पूजा हो रही है, पहले शिखा उखाड़ने वाला कौन था?' उन्होंने चाणक्य और घनानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे अपमान के बाद चाणक्य ने मगध सत्ता को उखाड़ फेंकने की कसम खाई थी, वैसे ही ब्राह्मण समाज भी सत्ता परिवर्तन का संकल्प ले सकता है। इस बयान पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के जवाब के दौरान सपा नेता शिवपाल सिंह यादव भड़क उठे। उन्होंने कहा, “क्या बजट आप अपने घर से लाए हैं? यह जनता का पैसा है, सिर्फ सरकार की तारीफ क्यों की जा रही है?” उनके हस्तक्षेप के बाद सदन में कुछ देर शोर-शराबा हुआ।
सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष सतीश महाना ने दो मंत्रियों को सार्वजनिक रूप से टोका। जब मंत्री दिनेश प्रताप सिंह उनके विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जिक्र करने लगे, तो महाना ने कहा, 'अगर काम करवाना ही नहीं है तो वहां क्यों हैं? काम कराने के लिए ही तो बैठे हैं।'
इसी तरह, पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप निर्धारित समय से अधिक बोलते रहे तो स्पीकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि “अच्छा नहीं लगेगा कि आपका माइक बंद करना पड़े।”
सपा विधायक आरके वर्मा के लंबे वक्तव्य के बाद भी स्पष्ट सवाल न आने पर स्पीकर ने उनके बगल में बैठे कमाल अख्तर से मुस्कुराते हुए पूछा, 'आपको समझ आया क्या सवाल पूछा गया?' इसके बाद मंत्री से कहा गया कि आप भी संक्षेप में जवाब दे दें। सदन में कुछ देर के लिए ठहाके भी गूंजे।
सपा विधायकों ने नोएडा स्थित गल्गोटियास यूनिवर्सिटी से जुड़े AI रोबोट के मुद्दे को भी उठाया और इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की। वहीं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में CAG रिपोर्ट पेश की। इससे पहले 11 फरवरी को उन्होंने 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया था।
Published on:
19 Feb 2026 09:01 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
