
Ram Lalit Chaudhary Death: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक रामललित चौधरी का निधन हो गया। वह बस्ती की रुधौली विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे थे। पिछले 15 दिनों से अधिक समय से उनकी तबीयत खराब थी। उनके निधन की खबर के बाद बस्ती और आसपास के राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर है।
रामललित चौधरी की पहचान पूर्वांचल की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे नेता के तौर पर रही। उनका राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी से शुरू हुआ और कई दशक तक सपा से जुड़े रहने के बाद उन्होंने सुभासपा का रुख किया। सुभासपा में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी।
रामललित चौधरी ने 1989 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। उस समय जिस विधानसभा क्षेत्र का उन्होंने प्रतिनिधित्व किया, वह रामनगर विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता था। बाद में परिसीमन और क्षेत्र के पुनर्गठन के बाद इसे रुधौली विधानसभा क्षेत्र के रूप में जाना गया।
इसके बाद उन्होंने इसी क्षेत्र से दो और बार विधानसभा चुनाव जीता। 1991 के उपचुनाव में वह दोबारा विधायक बने, जबकि 1996 में तीसरी बार विधानसभा पहुंचे। इस तरह रामललित चौधरी ने कुल तीन बार विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
तीनों चुनाव उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते थे। लंबे राजनीतिक अनुभव के चलते क्षेत्र में उनकी पहचान पुराने समाजवादी नेताओं में रही।
रामललित चौधरी लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे। करीब चार दशक तक उन्होंने पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं। हालांकि बाद के समय में उन्होंने सपा नेतृत्व पर पुराने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया था। रामललित चौधरी ने कहा था कि समाजवादी पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही और पुराने कार्यकर्ताओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने इसी वजह से खुद को उपेक्षित महसूस करने की बात कही थी।
समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद रामललित चौधरी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी में शामिल हुए। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इस दौरान उनके साथ कई कार्यकर्ताओं ने भी सुभासपा का दामन थामा था। पार्टी में शामिल होने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी।
रामललित चौधरी के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव परसा लाल शाही लाया जाएगा। दोपहर करीब 12 बजे तक पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की जानकारी है, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे।