समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य कई दिनों तक कड़ाके की ठंड में धरने पर बैठे रहे, लेकिन सरकार ने उनकी सुध नहीं ली।
"शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे, उस समय सर्दी चरम पर थी। हमारे सनातनी व्यवस्था में कहीं किसी शंकराचार्य को स्नान से रोका नहीं गया होगा लेकिन यह पहली बार हुआ है कि उन्हें स्नान से भी रोका गया… अब यह सरकार शंकराचार्य को अपमानित करने के लिए 20 साल पुरानी घटना ढूंढ कर लाई… अगर यह(शिकायतकर्ता) उनका(रामभद्रचार्य) शिष्य है तो मुझसे गलती हुई है कि मैंने कभी रामभद्रचार्य पर जो मुकदमा था वह वापस लिया था, मुझे उन्हें जेल भेज देना चाहिए था। विचारों को लेकर झगड़े हो जाते हैं लेकिन आप इस स्तर तक चले जाएंगे कि आप ऐसे आरोप लगवाएंगे… इसलिए मैं कह रहा हूं कि यह सरकार अब बचने वाली नहीं है…" यह बात समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कही।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के पहले भाजपा के लोग माहौल खराब कर रहे हैं। हमने पहले भी देखा है कि इनके लोगों ने समाज में तनाव फैलाने के लिए मंदिर में मांस फेंकने की घटना को अंजाम दिया था। जांच करने के बाद भाजपा के 18 कार्यकर्ता एक साल जेल में रहे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भाजपा के लोग जानबूझकर ऐसे वीडियो डालते हैं जिससे कि समाज में तनाव फैले। उन्होंने सभी को भाजपा के लोगों से सावधान रहने की अपील की।
अखिलेश ने कहा, 'कभी-कभी विचारों को लेकर के कुछ झगड़े हो जाते हैं। लेकिन आप इस सीमा पर चले जाएंगे कि आप आरोप लगाकर के इस तरह का घटिया आरोप लगवाएंगे। इसलिए मैं कह रहा हूं कि यह सरकार बचने वाली नहीं है। जनता ने तो अस्वीकार कर दिया है सरकार, अब बस जनता इंतजार कर रही है कि कब वोट डालने का मौका मिलेगा। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि जितनी पीड़ा बढ़ेगी उतना हमारा पीडीए बढ़ेगा और यह पीडीए के आंदोलन में जुड़ने वालों का मैं एक बार फिर आभार और धन्यवाद देना चाहता हूं।'