लखनऊ

3.41 से बढ़कर 6.23 प्रतिशत हो गई बेरोजगारी की दर, रालोद ने प्रदर्शन कर मांगा नौकरियों का हिसाब

युवा राष्ट्रीय लोकदल ने आज बेरोजगारी और छात्रों की समस्याओं को लेकर विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया।

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Jul 11, 2018
3.41 से बढ़कर 6.23 प्रतिशत हो गई बेरोजगारी की दर, रालोद ने प्रदर्शन कर मांगा नौकरियों का हिसाब

लखनऊ. युवा राष्ट्रीय लोकदल ने आज बेरोजगारी और छात्रों की समस्याओं को लेकर विधानसभा के सामने प्रदर्शन किया। युवा रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वसीम राजा और प्रदेश अध्यक्ष अम्बुज पटेल के नेतृत्व में हजारों युवा कार्यकर्ताओं एवं कार्यकत्रियों ने विधान सभा पर धरना प्रदर्शन के लिए नारेबाजी करते हुये प्रदेश मुख्यालय से विधानसभा की ओर पैदल कूच किया। इस दौरान रालोद छात्र प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी मौजूद रहे।

पुलिस से हुई नोकझोंक

पुलिस-प्रशासन ने बैरीकेटिंग लगाकर विधान सभा से पहले ही रैली को रोकने की कोशिश की। हालांकि कार्यकर्ताओं की भीड़ बैरिकेटिंग तोड़ते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुये विधानसभा की ओर आगे बढ़ी। प्रदर्शनकारियों ने 'युवाओं को रोजगार दो, वरना गददी छोड़ दो', 'युवा विरोधी यह सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी' जैसे नारे लगाए। पुलिस ने इस दौरान लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने का प्रयास किया गया।

नौकरियों का माँगा हिसाब

प्रदर्शन के दौरान युवा रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वसीम राजा ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं और छात्रों की दशा सोचनीय होती जा रही है। शिक्षित युवा वर्ग रोजगार पाने के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहा है। केन्द्र की मोदी सरकार को सत्ता में आये 4 वर्ष हो चुके हैं और देश में बेरोजगारी अपने चरम पर पहुंच गई है। सरकार ने वादा किया था कि प्रतिवर्ष 2 करोड़ नौकरियां दी जायेगी लेकिन केन्द्र और प्रदेश की सरकारें मूक और बाधिर बनी हुयी है। राजा ने कहा कि एक सर्वे के अनुसार देश में वर्ष 2014 में बेरोजगारी की दर 3.41 प्रतिशत थी जो अब बढकर 6.23 प्रतिशत हो चुकी है।

प्राइवेट कॉलेजों पर मनमानी का आरोप

युवा रालोद के प्रदेश अध्यक्ष अम्बुज पटेल ने कहा कि वर्तमान उप्र सरकार के द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। अनेक विभागों में रिक्त पडे़ पदों को भरने में प्रदेश सरकार की कोई रूचि नहीं दिखाई दे रही है। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न पाठ्यक्रमों के बढ़ते हुये शुल्क के कारण आम विद्यार्थी बेहतर शिक्षा हासिल कर पाने में असमर्थ है। प्राईवेट शिक्षण संस्थानों द्वारा शुल्क के नाम पर खुली लूट की जा रही है. जिस पर लगाम लगाने में सरकार पूर्णतया विफल रही है। ऐसी स्थिति में प्रदेश का बेरोजगार युवा सडकों पर उतरने के लिए बाध्य हो गया है।

Published on:
11 Jul 2018 03:04 pm
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