BH series - बीएच सीरीज या भारत सीरिज से अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन करने पर यह सुविधा मिलती है कि आप अपने वाहन को भारत के किसी भी राज्य में आसानी से चला सकते हैं। किसी दूसरे रजिस्ट्रेशन नंबर की जरूरत नहीं पड़ेगी। सोमवार को लखनऊ में भारत सीरीज में पहली गाड़ी का रजिस्ट्रेशन हुआ। नम्बर नंबर 21 बीएच 9478 ए मिला। इसमें वर्ष का संकेत 21, भारत सीरीज का नंबर 9478 एवं ए सारीज है।
लखनऊ. इस नम्बर को लेने के बाद यूपी का वाहन भारत में कहीं भी चलाया जा सकता है। जी अगर आपके पास न बीएच सीरीज रजिस्ट्रेशन है तो कोई भी आपके वहन को न रोकेगा न कोई टोकेगा। बीएच सीरीज में गाड़ी रजिस्ट्रेशन लखनऊ में शुरू हो गया। सोमवार को पहली गाड़ी यतेंद्र कुमार के नाम से चार पहिया डिजायर कार का रजिस्ट्रेशन हुआ। जिसका नंबर 21 बीएच 9478 ए दिया गया। बीएच सीरीज में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन लेने के बाद अब वाहन मालिक को दूसरे राज्य में वाहन ले जाने पर दूसरा रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लेना पड़ेगा।
अब नया नंबर व एनओसी का कोई झंझट नहीं :- कानपुर रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में संभागीय परिवहन कार्यालय के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि यतेंद्र कुमार केंद्र सरकार के उपक्रम इफ्को में कार्यरत हैं। इफ्को में कार्यरत अफसरों एवं कर्मियों की एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर-पोस्टिंग होती रहती है। ऐसे में यतेंद्र का अब यूपी से दूसरे स्टेट में तबादला होने पर उनको कार के लिए वहां का न तो नया नंबर लेना पड़ेगा और न ही यूपी से एनओसी का कोई झंझट होगा।
लखनऊ में भारत सीरीज नंबर का हुआ आवंटन :- लखनऊ के अर्जुनगंज निवासी यतेंद्र कुमार ने मारुति की शिफ्ट डिजायर कार खरीदी। और पंजीयन के लिए भारत सीरीज नंबर का आवेदन किया। सत्यापन करने के बाद यतेंद्र को 21बीएच 9478ए नंबर का आवंटन हुआ है। इसमें वर्ष का संकेत 21, भारत सीरीज का नंबर 9478 एवं ए सारीज है। भारत सीरीज के जैसे-जैसे वाहन मालिक बढ़ते जाएंगे तो सीरीज ए की जगह पर बी हो जाएगी।
चार प्रांतों में आफिस होना जरूरी :- एआरटीओ प्रशासन
एआरटीओ प्रशासन अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की गाइडलाइन पर गाड़ी का टैक्स जमा कराते हुए रजिस्ट्रेशन नंबर जारी किया गया। बीएच सीरीज में सिर्फ ऐसे कर्मी अपने वाहनों का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं जो सेना के कर्मचारी या अधिकारी हैं। या रक्षा मंत्रालय, केंद्रीय विभाग में काम करते हैं। या ऐसे निजी या सेमी सरकारी कार्यालय में हैं जिनके देश के कम से कम चार प्रांतों में आफिस हैं।
Bank Holidays in UP: दिसंबर महीने में यूपी में कई दिन बंद रहेंगे बैंक, छुट्टियों की लिस्ट देखें