69K Teacher Recruitment Protest: लखनऊ में 69,000 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग अभ्यर्थियों ने शनिवार जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर नारेबाजी की।
69,000 Teachers Recruitment Rally in Lucknow: लखनऊ में शनिवार को 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए मंत्री आवास का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने 'योगी बाबा न्याय करो' और 'सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करो' जैसे नारे लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार की लचर पैरवी और विलंबित कार्रवाई के कारण आज तक उनकी नियुक्ति नहीं हो पाई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हटाकर वापस ईको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें जब-जब चुनावों के क्रम में आश्वासन मिला, उन्हें निराशा ही हाथ लगी। वर्तमान सरकार ने पहले भर्ती निकालते समय आरक्षण का पालन नहीं किया था, जिससे लगभग 19 हज़ार आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार पिछड़ गए। इस भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के उल्लंघन का मामला सामने है।
बता दें कि आरक्षण में भेदभाव को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले भी वे मंत्री संदीप सिंह और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर विरोध जता चुके हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया है, लेकिन अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है और सरकार वहां हमारे पक्ष को ठीक से पेश नहीं कर रही है।
दिसंबर 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने 69 000 सहायक शिक्षक पदों के लिए विज्ञापन जारी किया। जनवरी 2019 को परीक्षा हुई, जून 2020 में परिणाम घोषित हुए, लेकिन आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि आरक्षण नीति के तहत जो सीटें उन्हें मिलनी थीं, वह सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को दे दी गईं। उदाहरण के तौर पर, OBC को 27% आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन इस भर्ती में उन्हें बहुत कम सीटें मिलीं। SC/ST को भी आरक्षण में कमी होने का आरोप है। न्यायालय ने इस मामले में हस्तक्षेप किया।
बेसिक शिक्षा विभाग ने बताया है कि मामला न्यायालयों में लंबित है, इसलिए तत्काल निर्णय नहीं लिया जा सकता। निर्वाचन और चयन सूची की वित्तीय एवं विधिक समीक्षा चल रही है। लेकिन प्रदर्शनकारी इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। कुछ राजनीतिक नेताओं ने इस भर्ती प्रक्रिया को “आरक्षण घोटाला” तक बताया है।
आंदोलन में शामिल एक अभ्यर्थी, चंदन कुमार ने कहा कि पांच साल से मैं रोज़ लखनऊ आकर मांग कर रहा हूं। महीने भर-महीने बैठे, बारिश हो या गर्मी, हमारी नौकरी का सपना बना हुआ है। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं। हम न्याय की उम्मीद रखते हैं। एक अन्य उम्मीदवार, विजय यादव ने कहा कि अगर हाई कोर्ट का आदेश लागू नहीं हुआ तो रोज़ हम मंत्री आवास के बाहर धरना देंगे। हम घर-घर जाएंगे, गिर्दो भूख-हड़ताल तक करेंगे, जब तक हमारी आवाज सुनी नहीं जाती।