
2000 Rupee Note: आरबीआई ने 19 मई यानी कल 2000 रुपये के नोट को सर्कुलेशन से बाहर करने का ऐलान किया। लेकिन 30 सितंबर, 2023 तक 2000 रुपए के नोट वैध रहेंगे। आम लोग 23 मई, 2023 से 30 सितंबर 2023 के बीच बैंकों में जाकर नोट को बदल सकते हैं। एक बार में दो हजार रुपए के 10 नोटों को बदला जा सकता है यानी कि 20000 रुपए।
इसके बाद से नेताओं के बयान आने शुरू हो गए। सबसे पहले अखिलेश यादव की बात करते हैं। सपा अध्यक्ष ने ट्वीट करते हुए बीजेपी पर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को अपनी गलती देर से समझ में आती है।
अखिलेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधा
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लिखा, “कुछ लोगों को अपनी गलती देर से समझ आती है… 2000/- के नोट के मामले में भी ऐसा ही हुआ है लेकिन इसकी सज़ा इस देश की जनता और अर्थव्यवस्था ने भुगती है। शासन मनमानी से नहीं, समझदारी और ईमानदारी से चलता है।
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नोटबंद कर ईमानदार होने का ढोंग कर रहे: मौर्य
सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने लिखा, “भाजपा सरकार ने ही 2000 ₹ का नोट जारी किया था और अब बंद भी उसी ने किया। सामान्य सी बात है कि जब 500₹ व 1000₹ से कालाधन और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है तो 2000₹ की नोट से कालाधन और भ्रष्टाचार तो बढ़ना ही था।”
उन्होंने आगे लिखा कि सच तो यह है कि 2000₹ की नोट जारी करने का निर्णय ही गलत था। भाजपा सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार व कालाधन खूब फला-फूला, चहेतों को मालामाल कराया और अब नोटबंद कर ईमानदार होने का ढोंग कर रहे हैं। जनता है, सब जानती है।
चुनावी साल में और भी कई शिगूफे देखने को मिलेंगे: शाहिद मंजूर
सपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर ने भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी साल में और भी कई शिगूफे देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जवाबदेही के वक्त पीएम मोदी नया शिगूफा छोड़ देते हैं। शाहिद मंजूर ने सवाल उठाया कि दो हजार का नोट बाजार में लाने की आखिर जरूरत क्या थी जबकि 500 और 1000 का नोट बंद कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि काला धन बीजेपी नेताओं के घरों से निकल रहें हैं। छापेमारी में कभी 200 करोड़ तो कभी 500 करोड़ का खुलासा हो रहा है।
2000 का नोट बंद होने से भ्रष्टाचारियों के दिलों में आग लगी है: केशव मौर्य
2 हजार के नोट सर्कुलन से बाहर होने पर डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले, “2000 का नोट बंद करने की सूचना से भ्रष्टाचारियों के दिलों में आग लगी है। दुनिया का एक से एक शक्तिशाली देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हाथ मिलाता है। सीमा पर पहले संकट का सामना करना पड़ता था। छह साल जितना काम भाजपा ने प्रदेश में किया है। इतना सपा-बसपा 60 साल में भी नहीं कर पाते।
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विपक्ष को यह तुगलकी फरमान लग सकता है: जेपीएस राठौर
सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि विपक्ष इसकी आलोचना कर रहा है तो यह मान लीजिए कि उन्हें उन लोगों की चिंता है जो इस तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। ऐसे नोटों को होल्ड करने में लगे थे। विपक्ष को यह तुगलकी फरमान लग सकता है, लेकिन यह कितना व्यवहारिक फरमान है। इसमें 30 सितंबर तक का समय भी दिया गया है। अगर कड़े फैसले से किसी को कष्ट होता है और जनता को लाभ मिलता है तो वह चाहे इसको तुगलकी फरमान कहें या जो भी शब्द देना चाहे दें। जिससे जनता का फायदा हो रहा हो, वह आना चाहिए।