मेरठ की रूपल चौधरी का नाम देश के साथ ही मेरठ के हर गांव में गूंजा रहा है। जिधर देखो उसकी ही चर्चा है। रूपल चौधरी के किसान पिता की खुशी उनके चेहरे से साफ झलक रही है।
मेरठ की रूपल चौधरी का नाम देश के साथ ही मेरठ के हर गांव में गूंजा रहा है। जिधर देखो उसकी ही चर्चा है। रूपल चौधरी के किसान पिता की खुशी उनके चेहरे से साफ झलक रही है। बेटी रूपल ने पिता का सीना चौड़ा कर दिया। पर किसान की बेटी का यह सफर इतना आसान न था। पहले तो पिता ही उसके सपने के आगे सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ था। तीन की दिन भूख हड़ताल से सूखे बेटी के चेहरे को देख पिता का दिल पसीज गया। फिर उसने कसम खाई, अब बेटी जो भी करेगी वह उसका सहयोगी होगा। तो आज जुनून को जीत में बदलते देख ओमवीर सिंह की खुशी छुपाए नहीं छुपती है।
इंतजार में है पूरा गांव
अंडर.20 वर्ल्ड जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप कोलंबिया में मेरठ की बेटी रूपल चौधरी ने ब्रांच मेडल जीता है। रूपल ने 55.85 सेकंड पूरा करके अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। गांव जैनपुर शाहपुर उसकी कामयाबी पर रश्क कर रहा है। किसान पिता ओमवीर को बधाईयां मिल रही हैं तो मां ममता ने कहा, बस बेटी का इंतजार है उसका माथा चूमकर उसे लाड जताने का। उधर पूरा गांव उसके स्वागत में जुटा है। और सब इंतजार कर रहे हैं। पल पल सबकी निगाहें रूपल से जुड़ी खबरों पर लगी हुई है।
जद ने हमारा सिर उंचा किया
रूपल चौधरी का गांव मेरठ जिले के रोहटा रोड स्थित जैनपुर शाहपुर गांव है। पिता किसान हैं। किसान पिता ओमवीर ने एक राज का खुलासा करते हुए कहाकि, किसानी के साथ.साथ बेटी को लेकर यहां वहां घूमना फिरना पड़ता। वह नहीं चाहते थे कि बेटी खेल में आगे बढ़े। बेटी को अकेले छोड़ने में डर लगता था। सामाजिक रिवायतें देख साथ ले जाने के बंधन से बचना चाह रहे थे। पर रूपल की जिद के आगे झुकना पउ़ा। और आज उसकी जिद ने हमारा सिर उंचा कर दिया है।
डगर कठिन रही पर स्वाद लग रहा है मीठा
रुपल क एक भाई वीर सिंह पीलीभीत में उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं। रूपल मेरठ कॉलेज से बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई भी कर रही हैं। रूपल के कोच विशाल सक्सेना व अमिता सक्सेना ने कहाकि, राह में कठिनाईयां आई जरूर पर अब जीत के बाद स्वाद मीठा है।