
लखनऊ. भाजपा जहां यूपी बजट 2018-19 को अब तक का सबसे बड़ा बजट बताते हुए अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे निराशाजनक करार दिया है। 4.28 लाख करोड़ रूपए का बजट पेश होने का बाद सपा, बसपा और कांग्रेस ने एक सुर में बजट में खामियां निकालना शुरू कर दी है। जहां सपा इस बजट में कई महत्वूर्ण योजनाओं का नजरअंदाज होना बता रहा है तो वहीं कांग्रेस का कहना है कि किसानों के लिए अपेक्षित विशेष पैकेज इस बजट में नहीं दिया गया है।
सपा का आया बयान-
समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि इस बजट में अखिलेश सरकार की योजनाओं को ही आगे बढ़ाया गया है। वहीं सरकार ने डायल 100 को नजर अंदाज किया है। उन्होंने आगे कहा कि एक्सप्रेस वे को लेकर दिया गया बजट अधूरा है। वहीं इस बजट में किसानों को फिर से निराशा हाथ लगी है। योगी सरकार ने युवाओं के रोज़गार के लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम कुछ नहीं किए हैं। योगी सरकार ने अपने इस दूसरे बजट में सिर्फ आंकड़ों को इधर से उधर किया है।
जनता की उम्मीदों के अनुसार नहीं बजट-
कांग्रेस नेता अजय सिंह लल्लू ने बजट को लेकर कहा कि जनता को उम्मीद थी कि इस बजट में नई योजनाएं किसानों और नौजवानों के लिए होंगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। आलू और गन्ना किसानों के लिए अपेक्षित विशेष पैकेज इस बजट नहीं दिया गया है। 14 लाख हर साल रोजगार देने की बात सरकार ने की थी, वो इस बजट में कहीं दिखाई नहीं दी।
कानून व्यवस्था पर नहीं हुआ फोकस-
कांग्रेस नेता ने कहा कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने का खाका इस बजट में नहीं दिखाई दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार, केंद्र सरकार और भगवान राम भरोसे चल रही है।
बजट निराशाजनक-
बसपा नेता लालजी वर्मा ने बताया कि बजट घोर निराशाजनक है। बजट जनता के लिए निराशाजनक है। पिछले बजट की विभिन्न योजनाओं का 60 प्रतिशत खर्च नहीं हुआ है जिस कारण वहीं इस बजट से घाटा और बढ़ेगा।