उनका कहना है कि इसका शिलान्यास सपा सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था तो उद्घाटन भी सपाई ही करेंगे।
लखनऊ. लखनऊ कैंट को गोमती नगर विस्तार से जोड़ने वाले नवनिर्मित पिपराघाट पुल का उद्घाटन भाजपा सरकार करने वाली है, लेकिन उससे पहले ही आज गुरुवार सुबह समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसका उद्घाटन कर दिया। उनका कहना है कि इसका शिलान्यास सपा सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था तो उद्घाटन भी सपाई ही करेंगे। आपको बता दें कि इस पुल के बन जाने से गोमती नगर विस्तार से लखनऊ कैंट के बीच का रास्ता बेहद आसान हो गया है। अब गोमती नगर जनेश्वर मिश्रा पार्क सीधे विक्रमादित्य मार्ग से जुड़ गया है।
लगाए अखिलेश जिंदाबाद के नारे-
उद्घाटन के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी अध्यक्ष 'अखिलेश यादव जिंदाबाद' के नारे लगाये। जिससे सेतु निगम व लोनिवि अधिकारियों में हड़कंप मच गया। दरअसल सेतु निगम गुरुवार से पिपराघाट पुल को आम लोगों के लिए खोलने वाला था। हालांकि इसकी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई थी, लेकिन इसका उद्घाटन बाद में करने का निर्णय लिया गया था।
मिर्जापुर में ही भी सपा ने कार्यक्रम से पहले किया उद्घाटन-
अखिलेश यादव लगातार बीजेपी पर सपा की योजनाओं का श्रेय लेने का आरोप लगाते आ रहे हैं जिसके चलते दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है। हाल ही में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का दोबारा शिलान्यास पीएम मोदी द्वारा कराये जाने पर अखिलेश ने उनपर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। वहीं सपाईयों ने पीएम मोदी के तय कार्यक्रम से पहले ही उसका शिलान्यास किया था। यहीं नहीं मिर्जापुर में पुल का उद्घाटन भी सीएम योगी द्वारा होना तय था, लेकिन इससे पहले ही सपा कार्यकर्ताओं ने पुल का उद्घाटन कर दिया था। सपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि पुल सपा सरकार में बनाया गया था।
भाजपा का पलटवार-
सपा के इस कदम पर भाजपा का कहना है कि सपा सरकार ने सिर्फ योजनाओं का जल्दबाजी में शिलान्यास किया, लेकिन योगी सरकार में उन कामों को पूरा किया जा रहा है। यहीं नहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के टेंडर में भाजपा ने सपा सरकार पर जल्दबाजी करके भष्टाचार करने का आरोप भी लगाया है।