
Uttar Pradesh News: केंद्रीय चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग किसी सरकार का आयोग नहीं, बल्कि देश का आयोग है और उसे संसद से बनाए गए कानूनों के तहत काम करना होता है। संजय निषाद ने आरोप लगाया कि सरकार से सीधे मुकाबला करते-करते थकने के बाद विपक्ष अब संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा है। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि अगर उन्हें चुनाव आयोग की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है, तो पहले चुनाव जीतकर मिली अपनी सीटों से इस्तीफा देना चाहिए।
मंत्री संजय निषाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को लेकर चल रहे विवाद पर चुनाव आयोग का बचाव किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग किसी सरकार का आयोग नहीं है, बल्कि भारत और देश का आयोग है। इसका काम पिछली सरकारों द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार पारदर्शी और सही तरीके से चुनाव कराना है। उन्होंने कहा कि कानून बनाने का अधिकार संसद के पास है और चुनाव आयोग उन्हीं कानूनों के तहत काम करता है।
निषाद ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब विपक्ष सरकार से सीधे लड़ते-लड़ते थक जाता है, तो वह संस्थाओं की ओर रुख करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लड़ाई में थकने के बाद विपक्ष ने अब इन संस्थाओं को अपनी लड़ाई का मैदान बना लिया है।
संजय निषाद ने कहा कि अगर चुनाव आयोग में सच में खामी है, तो उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतकर सीट हासिल करने वाले और दूसरे राज्यों में सरकार बनाने वाले विपक्षी नेताओं को पहले इस्तीफा देना चाहिए। उन्हें यह मानना चाहिए कि शायद उनका चुनाव ही गलती से हुआ था। इसके बाद ही उन्हें इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई आगे बढ़ानी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि मैं कहना चाहती हूं कि संवैधानिक पदों पर बैठे हुए व्यक्तियों पर हमला करने की आदत विपक्ष को हो गई है। आने वाले उत्तर प्रदेश के चुनाव में विपक्ष को अपनी हार का अंदाजा पहले से ही हो गया है इसलिए वो हार के बहाने तलाश कर रहे हैं और अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग के सिर पर फोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। NDA गठबंधन के सामने हर चुनाव में लगातार विपक्ष परास्त हुआ है। उन्होंने ने कहा कि अपना दल पूरी मुस्तैदी के साथ साल 2027 के चुनाव के लिए तैयार है।
जैसे हमने उत्तर प्रदेश में 2017 और 2022 के चुनाव में अपने गठबंधन की जीत को सुनिश्चित करने में अपना योगदान दिया है और अपना दल का परचम लहराया है, उसी प्रकार इस बार भी 2027 के आने वाले चुनाव में NDA गठबंधन की रिकॉर्ड जीत दर्ज होगी।