
Sanjay Nishad on Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। लोहिया ट्रस्ट की कमान अखिलेश यादव को मिलने से लेकर समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध तक, निषाद ने उनके फैसलों और रुख पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव के लोहिया ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने पर संजय निषाद ने भरोसे और रिश्तों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राजनीति भी विश्वास पर चलती है। उनके मुताबिक, जब अपने ही परिवार के रिश्तों पर भरोसे को लेकर सवाल उठते हैं, तो दूसरे लोगों के साथ भरोसे की राजनीति कैसे होगी। निषाद ने ट्रस्ट के नाम 'न्यास' का जिक्र करते हुए कहा कि इसका अर्थ ही भरोसा या विश्वास होता है। उन्होंने अखिलेश के खुद ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभालने को 'अहंकार' बताया। गौरतलब है कि सितंबर 2026 में अखिलेश यादव को लोहिया ट्रस्ट का नया अध्यक्ष बनाया गया। इससे पहले 2017 से शिवपाल सिंह यादव इस जिम्मेदारी को संभाल रहे थे। ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों की सहमति के बाद अध्यक्ष पद में बदलाव हुआ।
संजय निषाद ने समान नागरिक संहिता के विरोध को लेकर भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान सामाजिक न्याय और समान अधिकार की बात करता है। उनके मुताबिक, जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वे भी देश की नागरिक और मतदाता हैं, इसलिए उन्हें भी समान अधिकार मिलने चाहिए। निषाद ने उत्तराखंड, असम और गुजरात का उदाहरण देते हुए UCC के समर्थन में अपनी बात रखी और कहा कि इसे अन्य जगहों पर भी लागू किया जाना चाहिए। ये उनके राजनीतिक बयान हैं; UCC पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के रुख अलग रहे हैं।
निषाद ने अखिलेश यादव के सलाहकारों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिस तरह के सलाहकार उनके साथ हैं, उसी वजह से वे सत्ता से बाहर हैं। हालांकि, यह संजय निषाद का राजनीतिक आरोप है, जिसे तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया जा सकता।
यूपी में 14,429 प्राथमिक स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने के फैसले पर संजय निषाद ने इसे गरीब बच्चों के लिए अवसर से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सुविधाओं का लाभ सिर्फ संपन्न परिवारों के बच्चों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 'अंत्योदय' के विचार का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के सबसे निचले पायदान पर रहने वाले व्यक्ति को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, गरीब परिवार का बच्चा भी स्मार्ट क्लासरूम में पढ़े, बेहतर शिक्षा पाए और आगे बढ़े।
संजय निषाद के ताजा बयान में लोहिया ट्रस्ट, UCC और स्मार्ट स्कूल तीन अलग-अलग मुद्दे रहे। एक तरफ उन्होंने अखिलेश यादव के ट्रस्ट संभालने के फैसले को लेकर परिवार और भरोसे का सवाल उठाया, वहीं UCC के मुद्दे पर समान अधिकार की बात रखी। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने की योजना को गरीब बच्चों की शिक्षा से जोड़कर अपनी सरकार के फैसले का समर्थन किया।