
अखिलेश यादव का नया गेमप्लान (photo- x @DrRana777)
Akhilesh Yadav Mission 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर समाजवादी पार्टी ने संगठन को जमीन पर मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी के जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की और चुनावी तैयारियों को लेकर रणनीति पर चर्चा की। बैठक के बाद उन्होंने साफ कहा कि चुनाव में पार्टी की पहुंच जितनी ज्यादा लोगों तक होगी और संदेश जितना सकारात्मक रहेगा, सपा के लिए सत्ता की राह उतनी ही आसान होगी।
अखिलेश यादव ने बताया कि मंगलवार से सपा बूथ स्तर से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक प्रचार अभियान शुरू करेगी। इसके साथ ही पार्टी संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने पर भी जोर देगी। यानी 2027 की तैयारी को लेकर सपा अब सिर्फ बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के बजाय सीधे जमीनी स्तर पर सक्रिय होने की रणनीति बना रही है।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ पार्टी अलग-अलग जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। इन कार्यक्रमों के जरिए सरकार पर लगाए जा रहे अन्याय और भ्रष्टाचार के आरोपों को जनता तक पहुंचाने की कोशिश होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो पिछले कार्यकाल के दौरान हुए सभी एनकाउंटर की जांच कराई जाएगी। अखिलेश ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि प्रदेश ने इससे पहले इतनी भ्रष्ट सरकार नहीं देखी।
सपा अध्यक्ष ने शिक्षा के मुद्दे को भी अपनी रणनीति में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर पार्टी प्रदेश में बंद हुए करीब 26 हजार स्कूलों को लेकर कार्यक्रम करेगी। सपा कार्यकर्ता इन स्कूलों तक जाएंगे और स्थानीय लोगों से बातचीत करेंगे।अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बड़ी संख्या में स्कूल बंद किए गए हैं, जिसका सीधा असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है। पार्टी अब इसी मुद्दे को लेकर गांव और कस्बों तक पहुंच बनाने की तैयारी में है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के लिए AI से वीडियो तैयार कराए जा रहे हैं। अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़े एक AI वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को AI के जरिए राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक के मामले में समाजवादी पार्टी पीछे नहीं है और पार्टी के लैपटॉप वितरण कार्यक्रम को इसका उदाहरण बताया।
अखिलेश ने बेरोजगारी और महंगाई को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है, वहीं चीनी, पेट्रोल और दूसरी जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ी हैं। उन्होंने किसानों के मुद्दे पर कहा कि उन्हें उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा। इसके अलावा प्रदेश में भ्रष्टाचार और लूट का आरोप लगाते हुए उन्होंने सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए।
अखिलेश ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्माण के बाद ही सड़क पर गड्ढों की शिकायत सामने आ रही है। उन्होंने डिजाइन में खामी बताए जाने पर सवाल किया कि अगर डिजाइन ही गलत था तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। साथ ही प्रयागराज कुंभ से अब तक विकास कार्यों पर एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का दावा करते हुए सरकार से खर्च और काम के बीच तालमेल को लेकर सवाल पूछा।
अखिलेश यादव के सोमवार के बयान से यह संकेत साफ है कि सपा अब मिशन-2027 को बूथ स्तर की सक्रियता, स्थानीय मुद्दों और सरकार के खिलाफ अभियान के जरिए आगे बढ़ाना चाहती है। बंद स्कूल, रोजगार, किसान, महंगाई और कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को पार्टी जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में सपा का यह जमीनी अभियान यूपी की चुनावी राजनीति में कितना असर डालता है, यह देखना अहम होगा।
Updated on:
31 Aug 2026 04:32 pm
Published on:
31 Aug 2026 04:32 pm
