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राजधानी फिर हुई शर्मिंदा: दिल्ली में चलती बस की घटना पर भड़के चंद्रशेखर आजाद, सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल

Chandrashekhar Azad on Delhi Sleeper Bus Incident: दिल्ली में एक बार फिर निर्भया कांड जौसी घटना सामने आई है। ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही चलती स्लीपर बस में ड्राइवर और कंडक्टर ने 16 साल की नाबालिग छात्रा के साथ दुराचारी की। अब इस पूरे मामले में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने सुरक्षा और सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं...
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लखनऊ

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Mohsina Bano

Aug 31, 2026

Chandrashekhar Azad

चंद्रशेखर आजाद (फोटो-ANI)


Delhi Sleeper Bus Incident: देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट जा रही चलती स्लीपर बस में 16 साल की नाबालिग छात्रा के साथ कुकर्म किया गया। इस अमानवीय घटना को लेकर आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 'निर्भया कांड' के बाद स्थापित महिला सुरक्षा नियमों की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर किया।

चंद्रशेखर आजाद ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

चंद्रशेखर आजाद ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह घटना न केवल बेहद शर्मनाक और भयावह है बल्कि यह सरकारी निगरानी-तंत्र की बड़ी नाकामी को भी दर्शाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेशों और मोटर-वाहन नियमों के तहत यात्री बसों में ऐसी व्यवस्थाओं पर सख्त रोक है जो अंदर की गतिविधियों को बाहर से देखने से रोकती हैं। इसके बावजूद उस स्लीपर बस की खिड़कियों पर गहरे पर्दे कैसे लगे हुए थे जिससे अंदर हो रही हैवानियत बाहरी लोगों से पूरी तरह छिपी रही।

कहां गए पैनिक बटन और CCTV कैमरे

सांसद ने महिला सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर सवाल दागते हुए कहा कि व्यावसायिक यात्री वाहनों में लाइव व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन जैसे सुरक्षा तंत्र लगाना अनिवार्य है और इन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ा जाना चाहिए। फिर इस खौफनाक घटना के दौरान इन सुरक्षा तंत्रों से पुलिस को कोई अलर्ट क्यों नहीं मिला। उन्होंने आगे पूछा कि लंबी दूरी की बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV जरूरी है लेकिन लगभग 47 किलोमीटर की यात्रा के दौरान बस की कोई प्रभावी निगरानी या चेकिंग क्यों नहीं की गई। आजाद ने कड़े शब्दों में कहा कि, "अगर बेटियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं तो इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए! राजधानी आज एक बार फिर शर्मिंदा हुई है।"

ये है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक मैनपुरी की रहने वाली 11वीं कक्षा की छात्रा 3 अगस्त को बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी। बताया जा रहा है कि पढ़ाई को लेकर मां ने उसे डांट दिया था जिससे वह काफी नाराज थी। उसका इरादा नोएडा के सेक्टर 63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई के घर जाने का था। इसी दौरान वह ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने वाली स्लीपर बस में बैठ गई।

आरोप है कि सफर के दौरान ही बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बस में स्लीपर सीटों के बीच पर्दे लगे हुए थे और आरोपियों ने इसी का फायदा उठाया। इस दौरान बस करीब 47 किलोमीटर का सफर तय करते हुए ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट पहुंच गई और बाहर किसी को भनक तक नहीं लगी। मामले की सूचना मिलते ही कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने फौरन जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को धर दबोचा। वारदात में इस्तेमाल बस को भी कब्जे में लिया गया है। घटना 4 अगस्त 2026 की बताई जा रही है। पुलिस अब बस के रूट, पीड़िता के बयान और घटना के वक्त वहां मौजूद अन्य लोगों की जानकारी जुटाकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।