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Amanmani Tripathi: कौन हैं अमनमणि त्रिपाठी? 2027 में फिर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी, जानिए सियासी सफर

Amanmani Tripathi Profile: पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि 2017 में नौतनवा से निर्दलीय विधायक बने थे। 2022 में चुनाव हारने के बाद अब 2027 में फिर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी है।
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अमनमणि त्रिपाठी

Amanmani Tripathi Profile: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के एक ऐलान ने महराजगंज की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अमरमणि ने कहा है कि वह खुद फरेंदा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि उनके बेटे और नौतनवा के पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी को भी 2027 के चुनावी मैदान में उतारा जाएगा। हालांकि, अभी यह साफ नहीं किया गया है कि दोनों किस राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।

इस ऐलान के बाद अमनमणि त्रिपाठी एक बार फिर चर्चा में हैं। उनकी राजनीति को समझें तो यह पहला मौका नहीं है जब वह अपने परिवार की सियासी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए मैदान में उतरे हैं।

कौन हैं अमनमणि त्रिपाठी?

अमनमणि त्रिपाठी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे हैं। उनका राजनीतिक आधार मुख्य रूप से महराजगंज की नौतनवा विधानसभा सीट रहा है। साल 2017 में अमनमणि ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतकर विधानसभा में जगह बनाई थी। उस चुनाव में उनकी जीत इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मुकाबला किया था। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में उनकी किस्मत नहीं चली। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के उम्मीदवार के तौर पर नौतनवा से चुनाव लड़ा, लेकिन वह तीसरे स्थान पर रहे। इस चुनाव में निषाद पार्टी के ऋषि त्रिपाठी ने जीत दर्ज की और समाजवादी पार्टी के कौशल सिंह दूसरे स्थान पर रहे।

सियासत में लगातार बदलते रहे राजनीतिक ठिकाने

अमनमणि का राजनीतिक सफर एक ही पार्टी तक सीमित नहीं रहा। 2022 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बसपा से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद मार्च 2024 में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। उस समय उनके महराजगंज लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की चर्चाएं भी थीं। यानी पिछले कुछ वर्षों में अमनमणि की राजनीति में कई बदलाव देखने को मिले हैं। अब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उनके पिता के ताजा ऐलान ने फिर से नौतनवा की राजनीति में उनकी संभावित वापसी की चर्चा शुरू कर दी है।

परिवार की तीन पीढ़ियों की राजनीति का दावा

अमनमणि ने हालिया कार्यक्रम में अपने परिवार की राजनीतिक भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि तीन पीढ़ियों से उनके परिवार के लोग क्षेत्र की जनता की सेवा करते आए हैं। वहीं अमरमणि ने युवाओं को राजनीति और सामाजिक बदलाव में आगे आने की जरूरत पर जोर दिया। अमरमणि का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है जब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। खास बात यह है कि फरेंदा और नौतनवा दोनों सीटों पर पिता-पुत्र के मैदान में उतरने की बात सामने आई है, लेकिन अंतिम तस्वीर चुनाव के दौरान टिकट और गठबंधन की स्थिति साफ होने के बाद ही सामने आएगी।