
लखनऊ. बीएड पास युवाओं के लिए सरकार बड़ी खुशखबरी लाई है। जिन युवाओं ने बीएड की परीक्षा पास कर ली है उनको भी प्राइमरी टीचर बनने का मौका मिलेगा। बीएड पास युवा अगर नौकरी का इंतजार कर रहे हैं तो उनके लिए अच्छी खबर है। अब बीएड पास युवा पहली से पांचवी तक के बच्चों को भी पढ़ा सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षण परिषद (एनसीटीई) ने इस बारे में परिवर्तित नियम जारी कर दिए हैं। ऐसे नौकरी करने के 2 साल के भीतर ऐसे प्रतिभागियों को एक 6 माह का ब्रिज कोर्स करना होगा।
एनसीटीई की ओर से प्रकाशित राजपत्र में कहा गया है कि प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती में 50 अंकों के साथ स्नातक एवं बीएड की डिग्री को भी अर्हता मानी जाएगी। हालांकि शिक्षक बनने के बाद ऐसे प्रतिभागियों को 2 वर्ष के भीतर एनसीटीई से मान्यता प्राप्त किसी संस्था के प्राइमरी शिक्षक के लिए 6 माह का डिप्लोमा लेना होगा। मालूम हो कि इससे भी राज्यों की मांग पर विशेष स्थिति में बीएड पास अभ्यर्थियों को प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक नियुक्त किया गया है।
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डेढ़ साल पहले लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बताया था कि देश के प्राइमरी स्कूलों में 907585 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। इनमें आधी हिस्सेदारी सिर्फ 4 राज्यों की है जिसमें बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल की है।
क्या है राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई)
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) दिनांक 17 अगस्त, 1995 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम, 1993 (1993 की संख्या 73) के अनुसरण में एक स्वायत्त निकाय के रूप में स्थापित किया गया। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण देश में अध्यापक शिक्षा प्रणाली के योजनागत और समन्वित विकास को प्राप्त करना और इससे संबंधित मामलों हेतु एवं अध्यापक शिक्षा प्रणाली में मानकों और मापदंडों का विनियमन और उचित अनुरक्षण करना है।