Threat to IAS officer:वरिष्ठ आईएएस सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को सचिवालय में घुसकर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अपने चहेतों को यूपीसीएल में ठेके दिलाने का दबाव डालने पहुंचे बॉबी पंवार ने सचिव के स्टाफ से भी हाथापाई भी की। मामला सामने आने के बाद राज्य में आईएएस एसोसिएशन गुस्से में है।
Threat to IAS officer:वरिष्ठ आईएएस सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। उत्तराखंड सचिवालय में सचिव से अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आने से हड़कप मचा हुआ है। आरोप है कि बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने दो साथियों के साथ मिलकर सचिव के दफ्तर में हंगामा काटा। उनके वरिष्ठ निजी सचिव कपिल कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ निजी सचिव के मुताबिक बुधवार शाम 6:25 बजे बॉबी दो साथियों के साथ सचिवालय में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम से मिलने पहुंचे थे। सचिव ने बॉबी पंवार को कमरे में बुलाया। आरोप है कि कमरे में घुसते ही बॉबी ने साथियों के साथ मिलकर सचिव से दुर्व्यवहार किया। गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी भी दी गई। सचिव ने स्टाफ को बुलाया तो बॉबी पंवार ने वरिष्ठ निजी सचिव कपिल कुमार और अपर निजी सचिव अनूप डंगवाल के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की। सरकारी काम में बांधा पहुंचाने के साथ सचिवालय के बाहर देख लेने की धमकी तक दी। वहीं दूसरी ओर बॉबी पंवार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने के मुताबिक बॉबी पंवार ने कार्यालय में पहुंचकर सरकारी फाइलों, आदेशों की कॉपी मांगी। उन्हें बताया गया कि उनके स्तर से किसी को सरकारी आदेश सीधे नहीं दिए जा सकते। यह जानकारी वह आरटीआई में ले सकते हैं। इस पर बॉबी पंवार और उनके साथियों ने हंगामा शुरू कर दिया था। स्टाफ के साथ मारपीट की गई और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई गई। एसएसपी के मुताबिक आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ऊर्जा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और धमकाने के मामले में सचिवालय एकजुट हो गया है। इस मामले में बुधवार देर शाम आईएएस एसोसिएशन की वर्चुअल बैठक बुलाई गई।आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि इस तरह की हिंसक घटनाओं को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इस पूरे मामले में आज आईएएस एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मुलाकात में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाएगा।