सेवता : यहां सपा की ही चलती है साइकिल

सपा का था बेहटा विधान सभा पर कब्ज़ा, भाजपा को जीतने की चुनौती 

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Dec 15, 2016
CM Akhilesh Yadav and Mulayam Singh Yadav
सीतापुर जिले में 9 विधान सभा सीटें हैं। जिसमें सेउता विधान सभा सीट वर्ष 2012 में अस्तित्व में आई। नई सीट पर ही सपा ने विजय हासिल की। इससे पहले इस सीट का क्षेत्र बेहटा विधान सभा क्षेत्र में आता था। वर्ष 2012 के विधान सभा चुनाव में यहां से सपा के महेन्द्र सिंह को 49510 वोट और कांग्रेस के अम्मार रिजवी को 47063 वोट मिले थे। जबकि बसपा की रंजना बाजपेई को 39208 वोट ही मिले थे। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों में प्रमुख पार्टियों के आलावा अन्य 12 प्रत्याशियों को कुल 40527 वोट प्राप्त हुए थे।
त्रिकोणीय था मुकाबला
2012 चुनाव में सपा की लहर के बावजूद यहां कुल वोटरों का महज 28 प्रतिशत वोट ही मिला था। यहां कांग्रेस ने सपा को अच्छी टक्कर देते हुए 26.69 प्रतिशत वोट पाए थे। बसपा ने भी तकरीबन 23 प्रतिशत वोट झटके थे।
महेन्द्र सिंह झीन चौथी बार बने विधायक
1996, 2002, 2007 और फिर 2012 में गांजर के विधायक बने महेंद्र सिंह झीन लगातार अपनी पकड़ का लोहा मनवाते देखे गए। समाजवादी पार्टी से लगातार चुनाव में उतर कर जीत हासिल कर रहे महेंद्र सिंह झीन ने गांजर के पुराने योद्धाओं पछाड़ दिया। चुनाव के दौरान उनपर आरोप भी लगे।
पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे मैदान में
सपा की साइकिल की आंधी के बावजूद यहां 2012 के चुनाव में एक पूर्व कैबिनेट मंत्री का जलवा देखने को मिला था। कांग्रेस प्रत्याशी अम्मार रिजवी बेहद जोरदार तरीके से लड़ते देखे गए और मात्र 2447 वोटों से चुनाव में हारे थे।
पुल अभी भी अधर में
सीतापुर से बहराइच जनपद को जोड़ कर महज 80 किलोमीटर की दूरी तैयार कराने वाला चहलारी पुल आज भी अधर में है। नेता मुख़्तार अनीस ने लगभग 25 वर्ष पूर्व इस पुल के लिए गांजर से लखनऊ तक पैदल यात्रा की थी और सरकार ने आश्वासन दिया था। बावजूद इसके पिछले 5 से अधिक वर्षों से बन रहा है जो अभी तक बन नहीं सका है।
आंकड़े जो बोलते हैं।
कुल मतदाता 2012 में 263543
कुल मतदान प्रतिशत 66. 9 % एवं कुल मतदान 176308
2017 के होने वाले चुनाव में लगभग 3,25,000 होंगे
प्रमुख क्षेत्र
सेउता विधानसभा के मुख्य इलाकों में बेहटा, रेउसा, गौलोककोरन, शामिल है।

Published on:
15 Dec 2016 07:13 pm
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