सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा दे सकते हैं। इसी के साथ रामपुर से सपा विधायक चुने गए आजम खान भी अपनी सीट से इस्तीफा दे सकते हैं। दोनों सपा नेता सांसद हैं। ऐसे में इन दोनों सीटों पर उप चुनाव हो सकता है। माना जा रहा है कि 2024 में प्रस्तावित लोकसभा के चुनाव को देखते हुए दोनों नेता लोकसभा सदस्य के रूप में सदन में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा दे सकते हैं। इसी के साथ रामपुर से सपा विधायक चुने गए आजम खान भी अपनी सीट से इस्तीफा दे सकते हैं। दोनों सपा नेता सांसद हैं। ऐसे में इन दोनों सीटों पर उप चुनाव हो सकता है। माना जा रहा है कि 2024 में प्रस्तावित लोकसभा के चुनाव को देखते हुए दोनों नेता लोकसभा सदस्य के रूप में सदन में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं। इसलिए ये दोनों विधानसभा में नहीं जाना चाहेंगे। अखिलेश यादव आजमगढ़ से सांसद हैं। ऐसा पहली बार है जब आजमगढ़ की सभी दस विधानसभा सीटों पर सपा जीती है। इसलिए सपा अध्यक्ष अपने क्षेत्र की जनता की भावनाओं के सम्मान में वह यहां के सांसद बने रहेंगे। इसी तरह से रामपुर सांसद आजम खां भी विधायकी से बेहतर लोकसभा में रहना चाहेंगे। हालांकि, इसकी अभी अधिकृत घोषणा नहीं हुई है।
सपा के पांच सांसद
लोकसभा में सपा के पांच सांसद हैं। अखिलेश और आजम के अलावा मुरादाबाद से एसटी हसन, संभल से शफीकुर्रहमान वर्क और मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव सांसद हैं।
समाजवादी को मैनपुरी में मिली 2 सीटें
सपा को मैनपुरी जिले की चार में दो, संभल की चार में तीन, रामपुर में पांच में तीन, मुरादाबाद की छह में पांच सीटें मिली हैं। जबकि आजमगढ़ जिले की सभी 10 विधानसभा सीटें सपा के खाते में आई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सपा अध्यक्ष आजमगढ़ से संसद सदस्य के रूप में जुड़े रहेंगे। अगला चुनाव लोकसभा का है। ऐसे में वह लोकसभा सदस्य के रूप में सदन में अपनी उपस्थिति बनाए रखेंगे। सपा सूत्रों का कहना है कि वह करहल की सीट छोड़ सकते हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में अधिकृत घोषणा नहीं हुई है। उधर, अखिलेश यादव से शुक्रवार दोपहर सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मुलाकात की। दोनों के बीच करीब घंटे भर सियासी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि गठबंधन के बाद भी सीटें हारने के करणों पर चर्चा हुई है।