डालीगंज स्थति श्री राधा माधव मंदिर से 6 जुलाई को रथ यात्रा निकली जाएगी। यह यात्रा उड़ीसा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ जी मंदिर की तर्ज पर निकलेगी। रथ पर बलराम, सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ जी की सवारी निकलेगी। रथ यात्रा के मौके पर 11 सौ दीपक से आरती की जाएगी। रथ यात्रा से पूर्व मंदिर के श्री माधव सेवा संस्थान की तरफ से मंदिर में श्रीमदभागवत कथा का पाठ चल रहा है।
श्रीमदभागवत कथा पाठ के तीसरे दिन मंदिर में पंडित लालताप्रसाद शास्त्री ने कहा की आज के युग में हमारे लिए प्रकृति का मतलब है जल, वायु, अग्नि जैसे उसके तत्वों का हमारे लिए उपयोग है। तो क्या प्रकृति सिर्फ यही है। उहोने बताया की जब श्री राम वनवास के दौरान वन आए तो वह विरह में डूबे हुए थे। मगर प्रकृति के बीच आकर उन्हें उस दुख से मुक्ति मिली थी।
मंदिर प्रसाशन के अनुसार इस रथ यात्रा में भक्तों को आरती करने का मौका मिलेगा। 11सौ आरती से भक्त रथ की आरती कर सकेंगे। रथ यात्रा सुबह 10 बजे निकलेगी। श्री राधामाधव संस्थान के श्याम साहू ने बताया की इस वर्ष रथयात्रा के आगे केले के पत्ते की थाल में धूपदीप के साथ फूल दिए जाएंगे। जिससे भक्त श्रीजगन्नाथ जी अर्चाविग्रहो की पूजा की आरती उतार जा सकें और उनका स्वागत पुष्प वर्षा से की जाए। ओंकार जयसवाल ने बताया की इस वर्ष ग्यारह सौ दीप आरती थल की व्यवस्था की गयी इससे हर भक्त श्रीहरि की सेवा कर सकेगा तथा संस्था के सदस्यो द्वारा यात्रा के दौरान सडक के किनारें तथा समस्त परिवार तथा व्यापारियों को दीपक आरती थाल दी जायेगी।
56 भोग का स्वाद चखेगे श्रीजगन्नाथ
श्री जगन्नाथ जी को 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया जाएगा। जलेबी, लडडू, बर्फी, रसगुल्ला से लेकर ड्राई फ्रुडर्स, फल केला, आम, अनार, अंगूर, इस प्रकार 56प्रकार के भोग का स्वाद श्रीजगन्नाथ जी चखेंगे। बिहारी लाल साहू ने बताया की चार धाम में से एक श्री जगन्नाथ जी हैं।