
Sayani Ghosh Song TMC Loss In Bengal Elections (सोर्स- एक्स)
Sayani Ghosh Song TMC Loss In Bengal Elections: पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों एक बार फिर गरमा गई है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जहां एक तरफ सत्ता परिवर्तन को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं, वहीं दूसरी तरफ हार-जीत के कारणों को लेकर नेताओं के बयान भी सुर्खियां बटोर रहे हैं।
इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक ऐसा दावा कर दिया है, जिसने सियासी माहौल को और भी ज्यादा तीखा बना दिया है। उनका कहना है कि तृणमूल कांग्रेस की हार के पीछे उसकी ही एक सांसद का बयान बड़ा कारण बन गया।
पश्चिम बंगाल में चुनावी परिणाम सामने आते ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भारतीय जनता पार्टी की जीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला, जबकि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा।
इसी दौरान उमा भारती ने सोशल मीडिया के जरिए एक टिप्पणी करते हुए कहा कि इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के कार्यकर्ताओं को जाता है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि TMC की हार में उसकी अपनी ही एक नेता का बयान भारी पड़ गया।
दरअसल, उमा भारती का इशारा TMC सांसद सयानी घोष की ओर था। चुनाव प्रचार के दौरान सयानी घोष ने एक रैली में धार्मिक संदर्भ वाला एक गाना गाया था, जिसमें ‘काबा’ और ‘मदीना’ जैसे शब्दों का जिक्र था।
इस गाने को लेकर विपक्ष, खासकर बीजेपी, ने उस समय भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। अब चुनावी हार के बाद उमा भारती ने उसी मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि इस तरह के बयान और गतिविधियां मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं और यही TMC के खिलाफ गया।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो किसी भी चुनाव में एक ही घटना को हार या जीत का कारण मानना पूरी तरह सही नहीं होता। चुनाव कई कारकों का परिणाम होते हैं- जैसे संगठन की मजबूती, नेतृत्व की छवि, स्थानीय मुद्दे और जनता का मूड।
हालांकि, ये भी सच है कि चुनावी माहौल में दिए गए बयान कई बार बड़ा मुद्दा बन जाते हैं और विपक्ष उन्हें जनता के बीच जोर-शोर से उठाता है। सयानी घोष का गाना भी कुछ इसी तरह का विवाद बन गया था, जिसे बीजेपी ने अपने प्रचार में इस्तेमाल किया।
चुनावी नतीजे आने के बाद सयानी घोष ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए लोकतंत्र में विश्वास जताया और कहा कि वो आगे भी जनता की सेवा करती रहेंगी। उन्होंने अपने बयान में ये भी कहा कि वे अपने नेता ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़ी हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए काम करती रहेंगी।
Published on:
06 May 2026 12:24 pm
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