SIR Voter List Revision Controversy : अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि नंदलाल अंगूठा टेक हैं। वह साइन नहीं कर पाते, लेकिन उनके फार्म 7 पर साइन हैं। यह कैसे संभव हुआ?
लखनऊ : अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करके विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच बड़ी संख्या में नाम काटे जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फार्म 7 का दुरुपयोग करते हुए बड़ी संख्या में वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा यह लोकतंत्र पर हमला है। अखिलेश यादव दो वोटरों को सामने लेकर आए। इसके जरिए उन्होंने दो युगों त्रेता और द्वापर युग का जिक्र किया। उन्होंने फार्म 7 पर सवाल उठाने वाले नंदलाल को 1 लाख रुपए का इनाम दिया।
अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि नंदलाल अंगूठा टेक हैं। वह साइन नहीं कर पाते, लेकिन उनके फार्म 7 पर साइन हैं। यह कैसे संभव हुआ? उन्होंने आगे कहा अगर आप लोगों को मेरी बात पर भरोसा नहीं है तो यहां आकर इनसे साइन करवाकर देख लीजिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि मैं इनके साहस को सलाम करता हूं कि इन्होंने यह मुद्दा उठाया और खुलकर सामने आए। नंदलाल यादव पर देवी मां की बड़ी कृपा है। यह अपने घर में मंदिर बनवा रहे हैं। मंदिर के निर्माण में समाजवादी पार्टी पूरा सहयोग करेगी।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से भाजपा ने बिहार का चुनाव जीत लिया। प्रदेश में माहौल बिगाड़ने, दबाव बनाने और मनोबल गिराने में एसआईआर की बड़ी भूमिका रही। बिहार चुनाव में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में भी यही कोशिश शुरू की है। वहां की सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार इस बात को कह रही हैं। उन्हें इसके खिलाफ काला कोट तक पहनना पड़ गया।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मांग की। उन्होंने कहा धारा 31 और 32 के तहत फर्जी हस्ताक्षर के जरिए नाम कटवाने के मामलों में कार्रवाई की जाए, जिन भी लोगों के नाम सामने आएं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।