कोरोना के इन बढ़ते मामलों ने स्कूली बच्चों के माता-पिता के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। हांलाकि प्रदेश सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूलों के लिए नयी गाइड लाइन जारी की है।
Schools may Close Offline Classes: राजधानी लखनऊ में पिछले 24 घण्टों में ही कोरोना के पचास से अधिक मामले सामने आये हैं। कोरोना के इन बढ़ते मामलों ने स्कूली बच्चों के माता-पिता के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है। माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। हांलाकि प्रदेश सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूलों के लिए नयी गाइड लाइन जारी की है। मगर उन अभिभावकों, जिनके बच्चे छोटे हैं, उनका कहना है कि हम और आप हों या फिर बड़े बच्चे किसी भी तरह की गाइडलाइऩ का पालन कर सकते हैं मगर छोटे बच्चों से ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि वो किसी तरह की गाइडलाइन का पालन करेंगे। यहां तक कि वो मास्क भी उतार देते हैं।
यूपी में 14 जनवरी तक बंद हैं स्कूल
हालांकि यूपी सरकार ने जहां कक्षा आठ तक के स्कूलों में 14 जनवरी तक Winter Vacation घोषित कर दिया है वहीं अब 12वीं तक के स्कूलों को भी 14 जनवरी तक बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। मगर सच तो ये है कि छुट्टियाँ घोषित होने के पहले ही स्कूलों में बच्चों की संख्या काफी कम होने लगी थी। अब सवाल ये भी पैदा हो रहा है कि अगर कोरोना के मामले इसी तरह बढ़ते रहे तो क्या दोबारा स्कूल खुलेंगे भी या नहीं। ये सवाल अभिभावकों, टीचर्स और स्टूडेंट्स के मन में भी है।
ऑनलाइन क्लास पर जोर
कोरोना के बढ़ते मामलों और स्कूलों में बच्चों की कम होती संख्या को देखकर कुछ स्कूल ऑफलाइन क्लास को छोड़कर दोबारा ऑनलाइन क्लास पर फोकस कर रहे हैं। वहीं पैरंट्स भी ऑनलाइन क्लास ही अपने बच्चों से करवा रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत उन बच्चों को हो रही है जिनके बोर्ड परीक्षाएं होनी है। ऑफलाइन क्लास की वजह से जहां उनका कोर्स अच्छे से कंप्लीट हो रहा था मगर ऑनलाइन क्लास पर फोकस करने से उन्हें थोड़ी दिक्कत आ रही है। बावजूद इसके वे ऑनलाइन क्लास का ही ऑप्शन चुन रहे हैं।