लखनऊ

‘आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी की जंग अब दिल्ली में!’ जंतर-मंतर पर सपा का जोरदार प्रदर्शन, न्याय की मांग

Samajwadi Party: आजम खान, अब्दुल्ला आजम को न्याय दिलाने और रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
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Sep 20, 2026
Samajwadi Party Jantar Mantar Protest Delhi 9
जौहर यूनिवर्सिटी की जंग अब दिल्ली में फोटो पीटीआई

Samajwadi Party Jantar Mantar Protest Delhi: समाजवादी पार्टी ने रविवार को जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन कर वरिष्ठ नेता आजम खान, उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम खान के लिए न्याय और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की सुरक्षा की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जेल में बंद आजम खान और उनके परिवार पर राजनीतिक प्रतिशोध लिया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश का भी विरोध किया और इसे शिक्षा पर हमला बताया। सपा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर केंद्र व राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की।

पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई भाजपा सरकार की साजिश है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सपा का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी हजारों छात्रों का भविष्य है और इसे बचाया जाना चाहिए। आजम खान की रिहाई और विश्वविद्यालय की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।

पुलिस पर प्रदर्शन रोकने का आरोप

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर एक सिंबॉलिक प्रोटेस्ट किया। उनका आरोप है कि उन्हें मोहम्मद आजम खान, अब्दुल्ला आजम खान और उनके परिवार के लिए इंसाफ और जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर की सुरक्षा के लिए जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका गया।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 20 सितंबर 2026 को समाजवादी पार्टी की तरफ से परमिशन था। हमें कोई लिखित कैंसिलेशन नहीं दिया गया। आज हम लोग आए हैं तो यहां पर बैरिकेडिंग करके रोक दिया गया है। हमको धरना-प्रदर्शन नहीं करने दिया जा रहा है।

जौहर यूनिवर्सिटी को गिराने को नोटिस वापस लिया जाए

उन्होंने आगे कहा कि हमारी मांग है कि जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को गिराने का जो नोटिस जारी किया गया है, उसको वापस लिया जाए। मोहम्मद आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को रिहा किया जाए। उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को सुप्रीम कोर्ट के जज के निर्देश में एक एसआईटी का गठन करके चार से पांच महीनों में परीक्षण करा लिया जाए। हमें विश्वास है कि ये सभी लोग बाइज्जत बरी हो जाएंगे और उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे खत्म हो जाएंगे। आपको बता दें कि इससे पहले भी जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सपा ने प्रदर्शन किया था।

Updated on:
20 Sept 2026 02:55 pm
Published on:
20 Sept 2026 01:18 pm